सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

DevanagariAwadhipublished520 पृष्ठ

पृष्ठ 360, कुल 520 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 360

१२९
बहि फर दूध दहि लीजइ, दस गुन दीजइ दान ॥६
सती रूप जस देखउँ, सिंह क बिदाई पान ॥७
टिप्पणी—(७) पाछौं—पीछे। उचावा—उठायी है।
४४३
(रैकीस ३१८ : सम्बत् ५९)
खरीदने लरक शीर व दहानीदने मारू मर मैना रा
( लोरकका दूध खरीद कर मारू देना )
लेके दूध सो दरब दिवाया। सीप सिंघोरा माँग भरावा¹ ॥१
सेंदुर चन्दन सब फोउ लेई। मैना आपुन² करै न देई ॥२
सेंदुर सो करि बिह पिउ होई। नाँह मोर हरदी है सोई ॥३
[बोलहिं*] मुँहिका वह तज गयउ। साँसहि हम³ अस साध न मयउ ॥४
[निसि*] दिन हाँ दुख रोऊँ⁴। नींद न आवइ कैसें सोऊँ ॥५
रोवत दिस्टि घटानी, (घरी) चख कै जोत⁷।६
चाँद सुरुज तिह पर गहे, पास परी मुँइ लोट⁸ ॥७
मूलपाठ—६—कटी (हेने अभावके कारण यह पाठ है)।
पाठान्तर—बम्बई प्रति—
शीर्षक—सिरुदने लोरक शीर अज मेना व मारू दहानीदने ब मारू
मुस्न मैके दिल रा ( लोरकका मनासे दूध खरीद कर धन देना और
उसक हुलसकी पाह देना )
१—केर बहि दूध । २—आनि पठावा । ३—आपुहि । ४—मार
नाँह । ५—जीवहि वह तज मॅहि बैह गवा । ६—मुहि । ७—मया ।
८—दिन दिन आसू मोहू राऊँ । —गीन भए पल कात । ९—
बीजु परी मुँइ लूट ।
टिप्पणी—(१) सो—हर । दरब—द्रव्य । दिवाया—दिलवाया । सीप—चाटका बना
पानकार पात्र जिसमें अभिनन्दन-सामग्री यथा—रोली चन्दन
सुपारी अक्षत (चावल) पंञ्चन आदि रखा जाता है। सिंघोरा—
सिन्दूर रखनेका पात्र । माँग भरावा—माँगमें सिन्दूर लगानेका माँग
भरना कहते हैं ।