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बिहारी सतसई (महाकवि बिहारीलाल - लाला भगवानदीन कृत सविastार हिन्दी टीका सहित)

बिहारी सतसई (महाकवि बिहारीलाल - लाला भगवानदीन कृत सविastार हिन्दी टीका सहित)

Bihari Satsai with Hindi Commentary

महाकवि बिहारीलाल (टीकाकार: लाला भगवानदीन) द्वारा

DevanagariHindipublished290 पृष्ठ

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अनुक्रमणिका । ( ९ )
नासा मोरि ... ... ४५४ प.
नाह गरज ... ... ६५९ पग पग .... .... ५१३
नांह नहीं ... .... २४७ पचरंग ... ... ४५२
नाहिं नये ... .... ५६८ पटकी ढिग ... ... ९४
निज करनी .... ... ६९७ पटसों पौंछ ... ... १७४
नितप्रति ... .... ९ पट पाँख ... ... ६३३
निपट लँजीली ... ... २१८ पतनारी माला ... ... ६७१
निरखि ... . २७ पति रतिकी ... ... ३६
निरदइ नेह .... ... ३५४ पत्राही तिथि ... ... ४८९
नित संसों ... ... ४२५ पति ऋतु ... .... ३५९
निशिअंधियारी ... ... १६१ पर तिय ... ... ६५१
नीको लसत ... .... ४५४ पर्यो जोर .... ... २०७
नीकी दई ... ... ६८६ पलन चले ... ... ६९
नीच हिये ... ... ५१५ पल साँहें .... ... १७३
नीचई निच ... .... ४६५ पलन पीक ... .... १६५
नीठि नीठि .... ... २०८ परन प्रगट .... ... ४२६
नेको वह ... ... ३३८ पहरन भूषन ... ... ५२६
नैक उतै ... ... ३२७ पहरत री ... .... ४९३
नैक न झरसी ... ... २९३ पहुँची ... ... ६२
नैक न जानी ... ... ६०१ पाय तरूनि ... ... ६५३
नैक न जानी परति ... ४६३ पायक दृग .... .... ३८७
नैना नैक ... ... २६१ पावकसो ... ... १५७
नैक ऐसोहीं ... .... ४८३ पानिप न ... .... ५७१
नैन लगे .... ... ७१ पानहू कठिन ... ... ३९९
न्याव पराइ .... ... ५० पारतै निर ... ... ७३