भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)
Bhojanakutuhala of Raghunatha Navahasta
रघुनाथ नवहस्त (सम्पादक: सूरनाड कुंजन पिल्लै) द्वारा
पृष्ठ 348, कुल 358 में से
संदर्भ में पढ़ेंEnglish Column
and well pressed. It
is then cut out
into small pieces, each
piece rolled into a
ball, again spread out
into a circular form,
and fried in ghee
and sugar sprinkled
on its sides.
Malayalam Column (മലയാളം)
റവ നല്ലവണ്ണം ഇടിച്ച്
പപ്പടത്തിന്റെ പോലെ
പരത്തി ഉണ്ടാക്കുക. ഈ
ഗോതമ്പുമാവു ഉണ്ടാക്കി, പപ്പ-
ടമായി പരക്കെ പരത്തുക.
അടക്കന പരത്തുക. ഒ-
ന്നിൽ ഒന്നുവെച്ച് പരക്കെ വെ-
ച്ച പൂരീമാവു നല്ലവണ്ണം
ചുരുട്ടി അതിന്റെ മീതെ
വെള്ള അരിപ്പൊടി തൂ-
വിപ്പൊതിഞ്ഞു, പി-
ന്നീട്ട് ഓരോ കഷ്ണങ്ങ-
ളാക്കി മുറിച്ചുരുട്ടി
കഷ്ണങ്ങളാക്കി മുറിച്ച് ഓരോ
കഷ്ണത്തെയും നല്ലവണ്ണം
കയ്യിൽ വച്ച് ഉരുട്ടി
ചെറിയൊരു പപ്പടം
പോലെ നെയ്യിൽ വറു-
Tamil Column (தமிழ்)
றவையைத் தண்ணீர் விட்-
டு பிசைந்து குழவியால்
இடித்து அப்பளாம் மா-
வு போல் செய்து, பின்
கோதிமைமாவைத் தட்-
டி அப்பளாம் இட்டு
ஒரு அப்பளத்திற்கு
மேல் முன் சொன்ன பூ-
ரிபாவை நன்றாய்த் தேய்-
த்து ஒரு அப்பளாம் கூ-
ட அதன் மேல் வைத்-
து துடை அரிசி மாவு தே-
ய்த்து சுருட்டி துண்-
டித்து ஒவ்வொரு துண்-
டையும் நன்றாய் கையில்
வைத்து உருட்டி பிற்-
பாடு சின்ன அப்பளாம்
இட்டு நெய்யில் வறுத்-
து எடுத்து அதன்மேல்
சீனியை தூவி எடுத்து
हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
सूजी (रवा) में थोड़ा पानी मिलाकर अच्छी तरह गूंथ लें और मूसल/लोढ़े से
कूटकर पापड़ के आटे जैसा लचीला व चिकना बना लें।
इसके बाद गेहूं के आटे की लोई बनाकर पतले पापड़ (रोटी) की तरह बेल लें।
इस एक पापड़ के ऊपर पहले बताई गई पूर की सामग्री (मीठी भरावन/पूरण) अच्छी तरह फैला दें।
इसके ऊपर दूसरा पापड़ रखकर चिपका दें तथा ऊपर से बारीक चावल का आटा छिड़कें।
फिर इसे सावधानीपूर्वक रोल (बेलनाकार लपेट) कर लें और बराबर टुकड़ों में काट लें।
प्रत्येक टुकड़े को हथेली पर रखकर गोल घुमाएँ और छोटी-छोटी पूरियों/पापड़ियों के रूप में बेल लें।
इसके बाद इन पूरियों को शुद्ध घी में धीमी आँच पर सुनहरा होने तक तलें।
अंत में घी से बाहर निकालकर ऊपर से पिसी हुई चीनी (शर्करा) छिड़क कर परोसें।
पाकशास्त्रीय टिप्पणी (Culinary Commentary & Recipe Analysis)
- व्यंजन का स्वरूप (Preparation Type): यह तंजாவூர் मराठा दरबारी पाकशास्त्र (जैसे शरभेंद्र पाकशास्त्र) की एक पारम्परिक परतदार मिष्ठान्न कृति (जैसे खाजा / चिरोटे / फेणी / साटोरा) का वर्णन है।
- घटक द्रव्य (Ingredients):
- रवा (सूजी): बाहरी आवरण को कुरकुरापन प्रदान करने हेतु।
- गेहूं का आटा (गोदुम/गोधिमै): लचीलेपन और परतों के लिए।
- चावल का बारीक आटा (तुडै अरिसिमावु / साटा): परतों को चिपकने से रोकने और तलते समय अलग-अलग खस्ता परतें (flakiness) खोलने के लिए।
- पूरण / पूरिपावा: मावा, खोया या मीठी भरावन।
- गौघृत (शुद्ध घी): तलने के लिए उत्तम माध्यम, जो सुवास और पाचन को सुगम बनाता है।
- शर्करा (चीनी): मिठास और बाह्य सज्जा हेतु।
- आयुर्वेदिक गुणधर्म (Dietetic / Ayurvedic Action):
- यह व्यंजन बल्य, बृहण (शरीर का पोषण करने वाला), तथा वात-पित्त शामक है।
- घी और गेहूं का संयोजन धातुवर्धक और तृप्तिदायक माना गया है।