भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
इस ग्रन्थ के बारे में
भावप्रकाश सोलहवीं शताब्दी के आयुर्वेदाचार्य भावमिश्र का संग्रह-ग्रन्थ है, जिसे चरक, सुश्रुत और वाग्भट के साथ आयुर्वेद के प्रमुख ग्रन्थों में गिना जाता है। यह पूर्वखण्ड, मध्यखण्ड और उत्तरखण्ड में बँटा है। इसमें फिरंग रोग (उपदंश) जैसे नए रोगों और उस समय भारत में आई नई औषधियों का भी वर्णन है।
यह फ़ाइल काशी संस्कृत ग्रन्थमाला (क्रमांक १३०) के अन्तर्गत चौखम्भा संस्कृत भवन, वाराणसी से प्रकाशित संस्करण की है। इसमें भिषग्रत्न श्री ब्रह्मशङ्कर मिश्र की 'विद्योतिनी' हिन्दी व्याख्या और वनस्पति-विशेषज्ञ श्री रूपलालजी वैश्य का विवरण है। आरम्भिक पृष्ठ पर इसे भावप्रकाश-निघण्टु सहित प्रथम भाग (पूर्वार्द्ध) कहा गया है, जबकि सूची में इसे चिकित्सा भाग के रूप में रखा गया है।
स्कैन के अध्यायों में ज्वर, रक्तपित्त, कास, श्वास, हिक्का, राजयक्ष्मा, ग्रहणी, अतीसार, अर्श, मन्दाग्नि, गुल्म, उदररोग, वातरोग, आमवात, वातरक्त, शूल और प्रमेह की चिकित्सा जैसे विषय मिलते हैं। आयुर्वेद के विद्यार्थी और वैद्य इस व्याख्या का उपयोग मूल श्लोकों के अर्थ और औषधि-योगों को समझने के लिए करते हैं। 1167 पृष्ठों का यह बड़ा स्कैन सर्वकोश पर पृष्ठवार पढ़ा जा सकता है।
११०६ भावप्रकाशस्य पूर्वखण्डे
तेजबल छाल ३ से ६ माशे
त्रायमाण पञ्चांग २ से ६ माशे
त्रिफला फल के चिलके ३ माशे से १ तोले
थूहर दूध २ से ६ रत्ती
दंती जड़ १ से ३ माशे
दवना पञ्चाङ्ग ३ से ७ माशे
दशमूल छाल, जड़, पञ्चांग २-२ ।। तोले
दारुहल्दी जड़, जड़ की १-३ माशे
छाल, लकड़ी
दालचीनी छाल १-६ माशे
दुद्धी पञ्चाङ्ग ३ माशे-१ तोला
दूब पञ्चाङ्ग २ से ६ माशे
देवदारु लकड़ी १-४ माशे
देवदाली (बन्दाल) फल १-३ मा.
धतूरा शुद्ध बीज १/२ से २ रत्ती
धनियाँ बीज ६ माशे-१ तोला
धातकी फूल २-३ माशे
नकछिकनी पञ्चाङ्ग १-३ रत्ती
नकुलकन्द जड़ १-३ माशे
नवसादर पिंड चूर्ण ४-६ रत्ती
नागकेसर फूल की केसर १-२ माशे
नागदवन पञ्चाङ्ग २-६ माशे
नागरमोथा जड़ २-६ माशे
नारियल गिरी १-१ ।। तोले
निर्गुण्डी पत्ते, बीज ३-६ माशे
(सम्भालु)
निर्मली बीज ३-६ माशे
निसोत (त्रिवृत्) जड़ ३-५ माशे
नीम छाल, पत्ते, ३ माशे-१ तोला
फूल, फल
नील पञ्चाङ्ग २-४ माशे
पाठानीलोध छाल १-३ माशे
पतंग लकड़ी १-४ माशे
पद्माक ककड़ी १-३ माशे
पाङ्गा नमक नमक १-३ माशे
परिशिष्ट २ ११०७
पाकर छाल ९ माशे-१॥ तोला
पाठा जड़ ६-९ माशे
पाढ़र छाल १/२-१॥ तोले
पातालगरुड़ी जड़ ६-९ माशे
पान पत्ते-स्वरस ३-६ माशे
पारा शुद्ध भस्म १/२ रत्ती से २ रत्ती
पाषाणभेद जड़ १-३ माशे
पिठवन जड़, पंचांग ६ माशे १॥ तोले
पित्तपापड़ा पञ्चाङ्ग ६-९ माशे
पीतचन्दन लकड़ी २-३ माशे
पीतल शुद्ध भस्म १-२ रत्ती
पीपल फली १-३ माशे
पीपलामूल जड़ ३-४ माशे
पुनर्नवा जड़ ६ माशे-१॥ तोले
पुष्करमूल जड़ २-४ माशे
पेठा फल १-२ तोले
बीज १/२ से १ तोला
पोस्त डोड-छिलका ३-६ माशे
पोस्तदाना बीज ६ माशे-१ तोले
प्रियङ्गु पञ्चाङ्ग-फल ३-६ माशे
फिटकरी पिंड-शुद्ध १/२-१ माशा
फिरोजा पत्थर-भस्म १-३ रत्ती
वंशलोचन श्वेतपिंड चूर्ण ३-६ माशे
वकायन छाल ६ माशे-१ तोले
बच जड़ १-३ माशे
बड़ छाल, दूध ६-९ माशे
बथुआ बीज ३-५ माशे
बनभंटा पञ्चाङ्ग, जड़ ३-६ माशे
(बृहती)
बनमूँग पञ्चाङ्ग ६ माशे से १ तोला
बबूर छाल-पत्ते, फली ३-९ माशे
बरियार जड़-बीज ४-१० माशे
बरुन छाल पत्ते ४-माशे से १ तोला
बर्बरी पञ्चाङ्ग, बीज ३-६ माशे
११०८ भावप्रकाशस्य पूर्वखण्डे
बहेड़ा फल का छिलका ५-१० माशे
बाकुची बीज १-२ माशे
बादाम तेल ३-६ माशे
बायविडंग बीज ५-१० माशे
बाराहीकन्द कन्द ३-६ माशे
बिजैसार छाल-लकड़ी ३-४ माशे
बिदारीकंद कंद ६ माशे-१ तोला
विधारा जड़ ६ माशे-१ तोला
विषांविल फल-गूदी ३-४ माशे
(वृक्षाम्ल)
बेल सूखी-गूदी १-२ तोले
ब्रह्मदण्डी पञ्चाङ्ग ३-७ माशे
ब्राह्मी पञ्चांग, पत्ते ६ माशे-१ तोला
भांग पत्ते-बीज १-१० रत्ती
भांगरा पञ्चाङ्ग ६ माशे से १ तोला
भारंगी जड़ की छाल ३-६ माशे
भिलावा फल (विषयुक्त) १-२ ।। माशे
तेल ४ रत्ती से १ माशा
भुइँ आँवला पञ्चाङ्ग ३-५ माशे
भूतृण जड़ १-२ माशे
मङ्गरेला बीज २-५ माशे
मण्डूकपर्णी पञ्चाङ्ग-पत्ते ६ माशे से १ तोला
मण्डूक शुद्धभस्म १-३ रत्ती
मकोय फल ६-९ माशे
मखाना भुने ६ माशे से १ तोला
मछेछी पञ्चाङ्ग १-१ ।। तोला
मजीठ लकड़ी १-३ माशे
मधु आर्द्र १/२-३ तोले
मयनसिल शुद्ध (विषयुक्त) १-४ रत्ती
मरिच (काली) बीज १-४ माशे
मरुआ पचाङ्ग ३-७ माशे
मषवन पञ्चाङ्ग ६-१० माशे
(माषपर्णी)
मांसरोहिणी छाल ६-१०. माशे
(रोहिणी)
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परिशिष्ट २ ११०९
मानकन्द कन्द ६ माशे से १ तोला
मानफल फल १-४ माशे
मालकांगुनी बीज १-२ माशे
मुण्डी फल-पञ्चाङ्ग २ माशे-१ तोला
मुचकुन्द फूल ६-९ माशे
मुनक्का फल १०-१५ दाने
मुरदाशंख खनिजशुद्ध ४ रत्ती से १ माशे
मुलेठी लकड़ी ६-९ माशे
मुसब्बर पिण्ड १-३ माशे
मूँगा समुद्री लाल २-६ रत्ती
पत्थर शुद्ध भस्म
मूँज जड़ २-६ माशे
मूर्वा पञ्चाङ्ग ६-७ माशे
मूली कन्द-स्वरस १-५ तोला
मूसली जड़ ३ माशे
मूसाकानी सर्वाङ्ग २-३ माशे
मेढ़ाशिंगी पञ्चाङ्ग ३-६ माशे
मेथी बीज २-५ माशे
मैनफल फल २-३ माशे
मोचरस गोंद २-४ माशे
मोथा जड़ ३-४ माशे
मोम पिण्ड ३ रत्ती-१ ॥ माशे
मौलसिरी छाल, फूल, फल ३ माशे से १ तोला
रक्तचन्दन लकड़ी २-४ माशे
रसकपूर पिण्ड (विष) शुद्ध १/२ से १ रत्ती
रसोत घनसत्त्व १-३ माशे
रांगा शुद्ध भस्म १-२ रत्ती
राई बीज ३-६ माशे
रासना मूल २-५ माशे
रीठा फल-छाल १-३ माशे
रुद्रवंती पञ्चाङ्ग १-३ माशे
रेणुक बीज १-३ माशे
रेवतचीनी जड़ २-५ माशे
रोहिड़ा छाल ६ माशे से १ तोला
(रोहितक)
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१११० भावप्रकाशस्य पूर्वखण्डे
रोहिस घास पञ्चाङ्ग, जड़ १-३ माशे
लज्जालु जड़, पत्ते ६ माशे से १ तोला
लताकरञ्ज बीज-मींगी २-७ रत्ती
लताकस्तूरी बीज १-२ माशे
लहसुन कन्द १-३ माशे
लक्ष्मणा पञ्चाङ्ग, कन्द १-२ माशे
लाख (लाक्षा) २-४ माशे
लालमरिच फल १-२ माशे
लिसोरां फल १५-२० दाने
लोध छाल १-३ माशे
लोहबान गोंद २-६ माशे
लोहा शुद्ध-भस्म १-२ रत्ती
लौंग फूल १-४ माशे
वत्सनाभ विष-शुद्ध १/३२ से १/४ रत्ती
शंख भस्म ३ रत्ती से १ माशे
शाल छाल १-३ माशे
शिलाजीत शुद्ध १ रत्ती से १ माशे
शिवलिङ्गी पञ्चाङ्ग-बीज ३-९ दाने
शीतलचीनी फल २-४ माशे
शीशा धातु, शुद्धभस्म १-२ रत्ती
संखाहुली पञ्चाङ्ग ६ माशे से १ ।। तोले
(शंखपुष्पी)
संखिया महाविषभस्म १/३२ रत्ती से १/२ रत्ती
संगजराहत पत्थर शुद्धभस्म ३-८ रत्ती
सज्जीखार क्षार २-८ रत्ती
सतावर जड़ ६ माशे से १ तोला
सतिवन (सप्तपर्ण) छाल १-२ माशे
सत्यानाशी जड़-बीज २-४ माशे
(स्वर्णक्षीर)
सनाय पत्ते ३ माशे से १ तोशे
समुद्रफल फल १/४ से १/२ फल
समुद्रफेन शुष्कफल १-२ रत्ती
समुद्रशोष बीज १-२ माशे
सम्भालु बीज १-३ माशे
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परिशिष्ट २ ११११
सरफोंका जड़, पञ्चाङ्ग, पत्ते ३-६ माशे
सरसों बीज ३-६ माशे
सरिवन जड़, पञ्चाङ्ग ३-९ माशे
सहदेई पञ्चाङ्ग ३-६ माशे
सहिजना छाल, बीज ३-६ माशे
सांभरनोन लवण ३-९ माशे
सिंगरफ भस्म १/२ से २ रत्ती
सिरस छाल, बीज ३ माशे से १ तोशे
सुपारी फल १-४ माशे
सुहागा श्वेतपिण्ड-शुद्ध १-३ माशे
सेमर मूसला, छाल, फूल ३-९ माशे
सेंधानोन लवण ३-८ माशे
सोंठ कन्द ३-७ माशे
सोआ बीज २-३ माशे
सोना धातु शुद्धभस्म १/२ से १ रत्ती
सोनापाठा छाल ४-१० माशे
सोनामक्खी धातु शुद्धभस्म १-३ रत्ती
सोमलता पञ्चाङ्ग ३-६ माशे
सोरा क्षार १-२ माशे
सौंफ बीज ६ माशे १ तोशे
हंसपदि पञ्चाङ्ग ३ माशे से १ तोला
हड़जोरी पञ्चाङ्ग १-२ माशे
हड़ फल-छिलका ४ माशे से १ ॥ तोला
हरताल शुद्ध भस्म १/२-२ रत्ती
हलदी जड़ २-६ माशे
हाऊबेर फल ३-६ माशे
हाथीशुंडी पञ्चाङ्ग २-१० माशे
हारसिंगार पत्ते, फूल १-३ माशे
हिंगोट पञ्चाङ्ग, बीजगिरी १-१५ रत्ती
हींग गोंद २ रत्ती से १. माशे
हुरहुर पत्ते, बीज २-४ माशे
(-) वि(v) मुक्(-) त(v) प(v) द(v) भा(-) जि(v) शु(v) भे(—) ऽधि(-) का(-) शि(v)) -> Vasantatilakā!
And line 25:
श्रीरामसंयुतचरित्रमणेरुदार-चूडामणेर्निजपितृस्वसुरीश्वरस्य ।।१२।।
Scan:
श्री(-) राम(-) सं(v... no, श्री(-) रा(-) म(v) सं(-) यु(v) त(v) च(v) रि(-) त्र(v) म(v) णे(-) रु(-) दा(-) र(-) -> Vasantatilakā!
चू(-) डा(-) म(v) णेर्(-) नि(v) ज(v) पि(v) तृस्(-) व(v) सु(-) री(-) श्व(-) रस(-) य? -> Vasantatilakā!
- Line 26-27 (Verse 13):
पक्वेष्टकाऽऽदिरचितेऽभिनवेऽतिभव्ये-गेहे वसंस्तदुपदेशविशेषवश्यः ।
Wait, look atपक्वेष्टकाऽऽदि:
पक्वेष्टकाऽऽदिरचितेऽभिनवेऽतिभव्ये-गेहे वसंस्तदुपदेशविशेषवश्यः ।
Line 27:
`सानन्दमे
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रिक्त पृष्ठ
[प्रथम पुस्तक आवरण / First Book Cover]
आयुर्वेदोपजीवक
सिद्धान्त
[SECONDARY PRINCIPLES OF AYURVEDA]
प्रो० ओम् प्रकाश उपाध्याय
[द्वितीय पुस्तक आवरण / Second Book Cover]
(पृष्ठवंश / Spine):
चौ.सं.प्र.
११८
सचित्र भैषज्य कल्पना विज्ञान डा. लाल बहादुर सिंह
(मुखपृष्ठ / Front Cover):
सचित्र
भैषज्य कल्पना विज्ञान
डा. लाल बहादुर सिंह
[पादटिप्पणी / Footer]
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द्वितीय व्यावसायिक परीक्षा - 1. द्रव्यगुण विज्ञान, 2. रसशास्त्र एवं भैषज्यकल्पना, 3. अगदतन्त्र व्यवहारायुर्वेद तथा
विधि वैद्यक सहित। द्वितीय भाग
तृतीय व्यावसायिक परीक्षा- 1. प्रसूतितन्त्र एवं स्त्रीरोग, 2. कौमारभृत्य, 3. रोग एवं विकृति विज्ञान, 4. स्वस्थवृत्त
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ISBN : 81-86937-43-9 (Set)
ISBN : 81-86937-44-7 (Vol. I)
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