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सर्वकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,167 पृष्ठ

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१११० भावप्रकाशस्य पूर्वखण्डे
रोहिस घास पञ्चाङ्ग, जड़ १-३ माशे
लज्जालु जड़, पत्ते ६ माशे से १ तोला
लताकरञ्ज बीज-मींगी २-७ रत्ती
लताकस्तूरी बीज १-२ माशे
लहसुन कन्द १-३ माशे
लक्ष्मणा पञ्चाङ्ग, कन्द १-२ माशे
लाख (लाक्षा) २-४ माशे
लालमरिच फल १-२ माशे
लिसोरां फल १५-२० दाने
लोध छाल १-३ माशे
लोहबान गोंद २-६ माशे
लोहा शुद्ध-भस्म १-२ रत्ती
लौंग फूल १-४ माशे
वत्सनाभ विष-शुद्ध १/३२ से १/४ रत्ती
शंख भस्म ३ रत्ती से १ माशे
शाल छाल १-३ माशे
शिलाजीत शुद्ध १ रत्ती से १ माशे
शिवलिङ्गी पञ्चाङ्ग-बीज ३-९ दाने
शीतलचीनी फल २-४ माशे
शीशा धातु, शुद्धभस्म १-२ रत्ती
संखाहुली पञ्चाङ्ग ६ माशे से १ ।। तोले
(शंखपुष्पी)
संखिया महाविषभस्म १/३२ रत्ती से १/२ रत्ती
संगजराहत पत्थर शुद्धभस्म ३-८ रत्ती
सज्जीखार क्षार २-८ रत्ती
सतावर जड़ ६ माशे से १ तोला
सतिवन (सप्तपर्ण) छाल १-२ माशे
सत्यानाशी जड़-बीज २-४ माशे
(स्वर्णक्षीर)
सनाय पत्ते ३ माशे से १ तोशे
समुद्रफल फल १/४ से १/२ फल
समुद्रफेन शुष्कफल १-२ रत्ती
समुद्रशोष बीज १-२ माशे
सम्भालु बीज १-३ माशे
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