भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपरिशिष्ट २ ११०९
मानकन्द कन्द ६ माशे से १ तोला
मानफल फल १-४ माशे
मालकांगुनी बीज १-२ माशे
मुण्डी फल-पञ्चाङ्ग २ माशे-१ तोला
मुचकुन्द फूल ६-९ माशे
मुनक्का फल १०-१५ दाने
मुरदाशंख खनिजशुद्ध ४ रत्ती से १ माशे
मुलेठी लकड़ी ६-९ माशे
मुसब्बर पिण्ड १-३ माशे
मूँगा समुद्री लाल २-६ रत्ती
पत्थर शुद्ध भस्म
मूँज जड़ २-६ माशे
मूर्वा पञ्चाङ्ग ६-७ माशे
मूली कन्द-स्वरस १-५ तोला
मूसली जड़ ३ माशे
मूसाकानी सर्वाङ्ग २-३ माशे
मेढ़ाशिंगी पञ्चाङ्ग ३-६ माशे
मेथी बीज २-५ माशे
मैनफल फल २-३ माशे
मोचरस गोंद २-४ माशे
मोथा जड़ ३-४ माशे
मोम पिण्ड ३ रत्ती-१ ॥ माशे
मौलसिरी छाल, फूल, फल ३ माशे से १ तोला
रक्तचन्दन लकड़ी २-४ माशे
रसकपूर पिण्ड (विष) शुद्ध १/२ से १ रत्ती
रसोत घनसत्त्व १-३ माशे
रांगा शुद्ध भस्म १-२ रत्ती
राई बीज ३-६ माशे
रासना मूल २-५ माशे
रीठा फल-छाल १-३ माशे
रुद्रवंती पञ्चाङ्ग १-३ माशे
रेणुक बीज १-३ माशे
रेवतचीनी जड़ २-५ माशे
रोहिड़ा छाल ६ माशे से १ तोला
(रोहितक)
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