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सर्वकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

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पृष्ठ 1159

११०८ भावप्रकाशस्य पूर्वखण्डे
बहेड़ा फल का छिलका ५-१० माशे
बाकुची बीज १-२ माशे
बादाम तेल ३-६ माशे
बायविडंग बीज ५-१० माशे
बाराहीकन्द कन्द ३-६ माशे
बिजैसार छाल-लकड़ी ३-४ माशे
बिदारीकंद कंद ६ माशे-१ तोला
विधारा जड़ ६ माशे-१ तोला
विषांविल फल-गूदी ३-४ माशे
(वृक्षाम्ल)
बेल सूखी-गूदी १-२ तोले
ब्रह्मदण्डी पञ्चाङ्ग ३-७ माशे
ब्राह्मी पञ्चांग, पत्ते ६ माशे-१ तोला
भांग पत्ते-बीज १-१० रत्ती
भांगरा पञ्चाङ्ग ६ माशे से १ तोला
भारंगी जड़ की छाल ३-६ माशे
भिलावा फल (विषयुक्त) १-२ ।। माशे
तेल ४ रत्ती से १ माशा
भुइँ आँवला पञ्चाङ्ग ३-५ माशे
भूतृण जड़ १-२ माशे
मङ्गरेला बीज २-५ माशे
मण्डूकपर्णी पञ्चाङ्ग-पत्ते ६ माशे से १ तोला
मण्डूक शुद्धभस्म १-३ रत्ती
मकोय फल ६-९ माशे
मखाना भुने ६ माशे से १ तोला
मछेछी पञ्चाङ्ग १-१ ।। तोला
मजीठ लकड़ी १-३ माशे
मधु आर्द्र १/२-३ तोले
मयनसिल शुद्ध (विषयुक्त) १-४ रत्ती
मरिच (काली) बीज १-४ माशे
मरुआ पचाङ्ग ३-७ माशे
मषवन पञ्चाङ्ग ६-१० माशे
(माषपर्णी)
मांसरोहिणी छाल ६-१०. माशे
(रोहिणी)
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