सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)

Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal

पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा

DevanagariHindipublished727 पृष्ठ

पृष्ठ 678, कुल 727 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 678

सर जॉन शोर ४०१
चाहता था और दूसरी ओर दिल्ली सम्राट् के रहे सहे मान और
उसके अधिकार का अन्त कर देना चाहता था। इंगलिस्तान पहुँच
कर वारन हेस्टिंग्स पर जो मुक़दमा चला उसमें एक इलज़ाम उस
पर यह था—
“मुग़ल सम्राट् के थोड़े से रहे सहे इलाकों को छीन लेने के लिए वारन
हेस्टिंग्स मराठा राज के प्रधान सेनापति माधोजी सींधिया से मिल गया;
और जब कि एक ओर उसने अपना एक दूत इस काम के लिए दिल्ली भेज
दिया कि वह वहाँ पर सम्राट् और उसके वज़ीरों के साथ गुप्त साज़िशें जारी
रक्खे × × × दूसरी ओर इस तमाम समय में वह सम्राट् और उसके वज़ीरों
के ख़िलाफ़ बराबर मराठों से मिला रहा; मराठों के साथ भी उसने दग़ा की
और उनसे बहाना यह लेता रहा कि मैं सम्राट् से तुम्हारे अधिकारों की रक्षा
कर रहा हूँ। इस तरह उसने उन सब के नाश की तदबीर की और सब का
नाश कर डाला।”*
वारन हेस्टिंग्स ही की सलाह से माधोजी सींधिया ने एक
[हाशिया: दिल्ली सम्राट् के] ज़बरदस्त फ़ौज रक्खी, उस फ़ौज में यूरोपियन
[हाशिया: साथ दग़ा] अफ़सर रक्खे और वारन हेस्टिंग्स की ख़ास
सिफ़ारिश पर एक यूरोपियन दी बॉयन को
उसका प्रधान सेनापति नियुक्त किया। यही फ़ौज लेकर माधोजी

  • " . . . . Warren Hastings did unite with the Captain-General of
    the Marhatta State, called Madhoji Scindhia, in designs against the few
    remaining territories of the Moghul Emperor; and that whilst he sent an
    agent to Delhi and carried on intrigues with the King and his ministers,
    . . . . he did all along concur with the Marhattas in their designs
    against the said King and his ministers, under the treacherous pretext of
    २६