भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ७ )
खसोट—मुंगेर की सन्धि —मीर क़ासिम का चुंगी उठवा देना—बंगाल में
फिर से खुशहाली—दूसरा सूबेदार खड़ा करने की तजवीज़—मीर क़ासिम
से नई नई मांगें—मीर क़ासिम की प्रजा के साथ ज़ुल्म और ज़्यादतियां—
मीरजाफ़र के साथ दोबारा साज़िश—उदवानाला की लड़ाई—मीरक़ासिम
के ईसाई अफ़सरों की नमक हरामी—मीर क़ासिम की पराजय—मीर
क़ासिम के शासन का अन्त—मीर क़ासिम के शासन पर एक दृष्टि ।
पृष्ठ १४७-१६६
पाँचवाँ अध्याय
फिर मीर जाफ़र
मीर जाफ़र के साथ नई सन्धि—बंगाल की और बुरी हालत—मीर
जाफ़र की शिकायतें—मीर क़ासिम के अन्तिम प्रयत्न—अंग्रेज़ों के नाम
शुजाउद्दौला का प्रयत्न—शुजाउद्दौला और शाहआलम में फूट डालने की
कोशिश—शुजाउद्दौला की सेना में विश्वासघातक—बक्सर की लड़ाई—
मीर क़ासिम की मृत्यु—कम्पनी और शुजाउद्दौला में सन्धि—मीर जाफ़र
का करुणाजनक अन्त । पृष्ठ १६७-२१६
छठा अध्याय
मीर जाफ़र की मृत्यु के बाद
नवाब नजमुद्दौला के साथ कम्पनी की नई सन्धि—नन्दकुमार की
गिरफ़्तारी—क्लाइव का दोबारा भारत आना—क्लाइव की योजना—