भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 83, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंचाची के नाम एक और पत्र
लाहौर, 24 अक्टूबर, 1921
मेरी प्रिय चाची जी,
नमस्ते!
मैं जलसा देखने के लिए लायलपुर गया था। मुझे गाँव आना था, लेकिन बापूजी
ने मना कर दिया था, इसलिए मैं गाँव नहीं आया। मुझे माफ़ करना यदि कोई भूल
हो गयी हो, चाचा जी (स्वर्ण सिंह) का चित्र बन गया है, मुझे साथ ही लाना था,
लेकिन तब तक वह पूरा नहीं हुआ था, इसलिए माफ़ करना। जवाब जल्दी दे देना।
बड़ी चाची जी को माथा टेकना, माता जी को भी माथा टेकना। कुलबीर और
कुलतार (छोटे भाई) को नमस्ते।
आपका पुत्र
भगतसिंह
भगतसिंह ने क़रीब 14 साल की उम्र में अपनी छोटी चाची (चाचा स्वर्ण सिंह
की विधवा हुकम कौर) को लिखा था। पंजाबी भाषा व गुरमुखी लिपि में लिखा यह
पत्र चक न. 105, ज़िला लायलपुर के पते पर भेजा गया था। पता उर्दू में लिखा है
पर ज़िला लायलपुर अंग्रेज़ी अक्षरों में है। – स.
यह जीवन देश को समर्पित : भगतसिंह के छह शुरुआती पत्र / 77