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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 81, कुल 788 में से

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पृष्ठ 81

दादा जी के नाम एक और पत्र
लाहौर, 14 नवम्बर, 1921
मेरे पूज्य दादा साहब जी,
नमस्ते।
अर्ज़ यह है कि इस जगह ख़ैरियत है और आपकी ख़ैरियत श्री परमात्मा जी
से नेक मतलूब हूँ। अहवाल ये है कि मुद्दत से आपका कृपा-पत्र नहीं मिला। क्या
सबब है? कुलबीर सिंह, कुलतार सिंह की ख़ैरियत से जल्दी मुत्तला फ़रमायें। बेबे
साहबा अभी मोराँवाली से वापस नहीं आयीं। बाक़ी सब ख़ैरियत है।
(कार्ड की दूसरी तरफ़)
माता जी को नमस्ते। चाची साहबा को नमस्ते। मंगू चमार अभी तक तो नहीं
आया। मैंने एक पुरानी किताब मोल ली थी, जोकि बहुत सस्ती मिल गयी थी।
(कार्ड की लाइनों के बीच उल्टे रुख़)
आजकल रेलवे वाले हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि अगले हफ़्ते
के बाद जल्द शुरू हो जायेगी।
आपका ताबेदार
भगतसिंह
इस पत्र से पता चलता है कि उस समय चल रहे असहयोग आन्दोलन के प्रभाव
से भगतसिंह अनजाने नहीं थे। वे दादा को बताये बिना न रह सके कि जल्दी आरम्भ
होने वाली रेल-हड़ताल की उन्हें ख़बर है। – स.
यह जीवन देश को समर्पित : भगतसिंह के छह शुरुआती पत्र / 75