भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 80, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंदादा जी के नाम एक और पत्र
लाहौर, 27 जुलाई, 1919
श्रीमान पूज्य दादा जी, नमस्ते!
अर्ज़ है कि ख़ैरियत है और आपकी ख़ैरियत श्रीनारायण जी से नेक मनाया
करता हूँ। अहवाल ये है कि हमारा छमाही इम्तिहान हो गये, जो जुलाई से शुरू हुए
थे। हिसाब के परचे में बहुत लड़के फेल हो गये थे, इसलिए हमारा हिसाब का
इम्तिहान नौ अगस्त को दोबारा होगा। और सब तरह से ख़ैरियत है। आपने कब आना
है। भाइया जी को यह बताइये कि मैं छमाही इम्तिहान में सारे मजमूनों में पास हो
गया हूँ। माताजी, चाचीजी को नमस्ते। कुलतार सिंह को 24 जुलाई की रात और
25 जुलाई की शाम को बुखार था। अभी उसे आराम है, किसी क़िस्म की फ़िक़्र
न करें।
आपका ताबेदार...
भगतसिंह
भगतसिंह ने 12 साल की उम्र में दादा अर्जुन सिंह के नाम उर्दू में यह पत्र लिखा
था। — स.
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