भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 661, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंराजा की सम्प्रभुता से जनता की सम्प्रभुता की ओर
रूसो एकता और केन्द्रीकरण की फ्रांसीसी धारणाओं को बनाये रखता है;
जबकि सत्रहवीं सदी में राज्य (या सम्प्रभुता) को राजशाही के साथ गड्डमड्ड
कर दिया गया था। 18वीं सदी में रूसो के प्रभाव से यह जनता में निहित समझी
जाने लगी।
अनुबन्ध
अनुबन्ध के जरिये लोग नागरिक स्वतन्त्रता और नैतिक स्वतन्त्रता के लिए
प्राकृतिक स्वतन्त्रता का प्रतिदान करते हैं।¹
प्रथम स्वामित्व का अधिकार
सम्पत्ति का अधिकार :
इसका औचित्य इन दशाओं पर निर्भर करता है :
(अ) कि ज़मीन गैर-आबाद है, (ब) कि एक आदमी सिर्फ़ उतने ही रकबे
पर क़ब्ज़ा करता है जितना कि उसके गुज़ारे के लिए ज़रूरी हो; (स) कि वह
इस पर महज खोखली औपचारिकता के जरिये नहीं, बल्कि मेहनत और
खेती-बाड़ी करने के नाते दख़ल रखता है।²
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धर्म :
रूसो धर्म को भी सम्प्रभु शासक की निरंकुशता के अधीन रखता है।
भूमिका³ :
मैं इस बात की जाँच करना चाहता हूँ कि क्या, आज लोग जैसे हैं और
जैसे क़ानून बनाये जा सकते हैं, उनको मद्देनज़र रखते हुए, यह सम्भव है कि
नागरिक मामलों के प्रशासन हेतु कुछ न्यायसंगत और निश्चित नियम स्थापित
किये जायें...।
- और 2. सोशल कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर
- रूसो, सोशल काण्ट्रैक्ट की भूमिका से
शहीदेआज़म की जेल नोटबुक / 655