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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 631, कुल 788 में से

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पृष्ठ 631

प्रत्यक्ष न्याय न्याय का वह रूप है जिस रूप में उसे समझा जाता है, स्वीकार
किया जाता है, और अभिव्यक्त किया जाता है।
<u>पृष्ठ 109 (82)</u>
4. प्रचलित क़ानून : ऐसा कोई भी नियम या नियमों की प्रणाली है जिस
पर लोग अपने आचरण के नियमन के लिए सहमत होते हैं। सहमत होने वाले पक्षों
की सहमति ही क़ानून है।
5. परम्परागत क़ानून : मनुष्यों द्वारा वास्तव में की जाने वाली कार्रवाई का
कोई भी नियम – जो स्वैच्छिक कार्रवाई की किसी वास्तविक समरूपता की
अभिव्यक्ति है। परम्परा उन लोगों का क़ानून है जो इसे मानते हैं।
6. व्यावहारिक या तकनीकी क़ानून : इसमें ऐसे नियम आते हैं जो
व्यावहारिक उद्देश्य की प्राप्ति के लिए होते हैं। खेलों में, ‘प्रचलित क़ानून’ और
‘व्यावहारिक क़ानून’ दोनों ही आते हैं, जिनमें पहले प्रकार के क़ानूनों के अन्तर्गत
वे नियम आते हैं जिन पर खिलाड़ियों की सहमति होती है, और दूसरे प्रकार के
क़ानूनों के अन्तर्गत वे नियम आते हैं, जो खेल को सफल बनाते हैं, या खेल को
सफलतापूर्वक चलाने के लिए होते हैं।
7. अन्तरराष्ट्रीय क़ानून : इसमें वे नियम आते हैं जो सम्प्रभुतासम्पन्न राज्यों
के आपसी सम्बन्धों एवं एक-दूसरे के प्रति आचरण का नियमन करते हैं।
(i) एक्सप्रेस क़ानून (सन्धियाँ आदि)
(ii) अन्तर्निहित क़ानून (परम्परागत)
पुनः दो प्रकारों में विभाजित :
(i) सामान्य क़ानून (सभी राष्ट्रों के बीच)
(ii) विशिष्ट क़ानून (दो या अधिक राष्ट्र विशेष के बीच)
8. नागरिक क़ानून : राज्य या देश का क़ानून, जो न्यायिक अदालत में
प्रयुक्त होता है।
<u>पृष्ठ 110 (83)</u>
सज़ा :
राजनीतिक जुर्म : हम विधि-निर्माताओं के भारी समुदाय की इस सोच से
सहमत हैं कि, भले ही, आमतौर पर उस व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जानी
चाहिए, जो ऐसी मुजरिमाना साज़िश में शामिल रहा हो, जिस साज़िश को अंजाम
नहीं दिया गया हो, फिर भी राज्य के ख़िलाफ़ किये गये बड़े जुर्मों के सिलसिले
में इस नियम का एक अपवाद ज़रूर रखा जाना चाहिए, कारण कि राज्य के
शहीदेआज़म की जेल नोटबुक / 625