भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 604, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 50 (47)
अवसरवाद का जन्म
क़ानून के दायरे में रहकर काम करने की सम्भावना ने ही दूसरे इण्टरनेशनल
के समय में मज़दूर पार्टियों के भीतर अवसरवाद को जन्म दिया।
(लेनिन, कोलैप्स ऑफ़ II इंट. ने.)¹
ग़ैर-क़ानूनी काम :
“किसी देश में जहाँ बुर्जुआ वर्ग या प्रतिक्रान्तिकारी सामाजिक जनवाद सत्ता
में है, कम्युनिस्ट पार्टी को अपने क़ानूनी और ग़ैर-क़ानूनी कामों के बीच एक
तालमेल रखना अवश्य सीख लेना चाहिए, तथा क़ानूनी काम को हमेशा और
निश्चित रूप से ग़ैर-क़ानूनी पार्टी के प्रभावी नियन्त्रण में ही रहना चाहिए।
– बुख़ारिन ²
दूसरे इण्टरनेशनल के लक्ष्य के साथ विश्वासघात :
समाजवाद और श्रम के इस विराट संगठन को ऐसी शान्तिकालीन गतिविधियों
के लिए अनुकूलित कर दिया गया, और जब संकट आया, तो बहुत से नेता और
जनसमुदायों के भारी हिस्से अपनेआप को इस नयी स्थिति के अनुरूप बनाने में
असमर्थ हो गये...। यही वह अपरिहार्य स्थिति है जो बहुत हद तक दूसरे
इण्टरनेशनल के विश्वासघात का कारण है।
मार्क्स टु लेनिन, पृष्ठ 140 (मॉरिस हिलक्विट)
“द सिनिक्स वर्ड बुक” (1906)³
एम्ब्रोस प्रियर्स लिखता है :
- लेनिन की पुस्तक, द्वितीय इंटरनेशनल का पतन
- निकोलाई हवानोविच बुख़ारिन (1888-1938) – रूसी सामाजिक-जनवादी मज़दूर पार्टी
के सदस्य। राज्य, सर्वहारा अधिनायकत्व, राष्ट्रीयताओं के आत्मनिर्णय के अधिकार तथा ऐसे
ही अन्य प्रश्नों पर लेनिन विरोधी दृष्टिकोण अपनाते रहे। अक्टूबर समाजवादी क्रान्ति के बाद
बार-बार लेनिनवादी पार्टी नीति का विरोध किया। 1937 में अपनी पार्टी विरोधी गतिविधियों
के कारण पार्टी से निकाले गये। - व्यंग्यात्मक परिभाषाओं की पुस्तक, जो बाद में डेविल्स डिक्शनरी के नाम से प्रकाशित
हुई। एम्ब्रोस बियर्स (1842-1914) अमेरिकी पत्रकार, कथाकार और व्यंग्यकार थे।
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