भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
DevanagariHindipublished788 पृष्ठ
पृष्ठ 605, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 605“ग्रेप शॉट¹ – (संज्ञा) – एक तर्क जिसे भविष्य अमेरिकी समाजवाद की
“ग्रेप शॉट¹ – (संज्ञा) – एक तर्क जिसे भविष्य अमेरिकी समाजवाद की
माँगों के जवाब में तैयार कर रहा है।”
<u>पृष्ठ 51 (48)</u>
धर्म, स्थापित व्यवस्था का समर्थक :
दासता :
1835 में, प्रेस्बिटेरियन चर्च की जनरल असेम्बली ने प्रस्ताव पारित किया
कि : “दासता पुराने और नये दोनों ही टेस्टामेण्टों में स्वीकृत है, और इसे
ईश्वरीय सत्ता ने वर्जित नहीं किया है।”
द चार्ल्सटन बैप्टिस्ट एसोसिएशन ने 1835 में निम्नलिखित फ़रमान जारी
किया :
“मालिकों द्वारा अपने गुलामों के समय का इस्तेमाल करने के अधिकार को
सभी चीज़ों के सृष्टा ने स्पष्टतः मान्यता दे रखी है, जो अपनी मर्जी से जिस भी
चीज़ पर चाहे सम्पत्ति का अधिकार लागू कर सकता है।”
वर्जीनिया के मेथॉडिस्ट कॉलेज के एक प्रोफ़ेसर रेवरण्ड ई. डी. साइमन,
डॉक्टर ऑफ़ डिवाइनिटी, ने लिखा :
“होली रिट (ईसाई धर्मशास्त्र – स.) के अवतरणों में साफ़ तौर पर गुलामों
के ऊपर सम्पत्याधिकार और इस अधिकार से सम्बन्धित रोज़मर्रा की बातों का
उल्लेख किया गया है। तब, कुल मिलाकर, बात यही है, चाहे हम स्वयं ईश्वर द्वारा
स्थापित यहूदी नीति को देखें, या सभी युगों में मानवजाति के एक समान विचार
और व्यवहार को लें, या न्यू टेस्टामेण्ट और नैतिक नियम के विधि-निषेध सम्बन्धी
निर्देशों को देखें; हम इसी निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि दासता अनैतिक नहीं है। जब
यह बात सिद्ध हो चुकी है कि अफ्रीकी दास क़ानूनी तौर पर ख़रीदकर बँधुआ
बनाये जाते थे, तब उनके बच्चों को बँधुआ बनाकर रखने की बात भी अपरिहार्यतः
सिद्ध ही हो जाती है। इस प्रकार हम देखते हैं कि अमेरिका में जो दासता मौजूद
है, उसकी स्थापना सही थी।”
पूँजीवाद का समर्थन :
हेनरी वॉन डाईक² “एस्से इन एप्लीकेशन” (1905) में लिखता है :
“बाइबिल की शिक्षा है कि ईश्वर दुनिया का मालिक है। वह अपनी शुभंकर
इच्छा से, सामान्य नियमों के अनुरूप, प्रत्येक आदमी को उसका भाग देता है।”
- बन्दूक़ के छर्रे
- हेनरी वॉन डाईक (1852-1933) : अमेरिकी धार्मिक विचारक और लेखक
शहीदेआज़म की जेल नोटबुक / 599