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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 588, कुल 788 में से

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पृष्ठ 588

होती है, जिसे वह ईश्वर से डरने वाला और पवित्र मानती है। दूसरे, वह आसानी
से उसके विरोध में भी नहीं जाती, क्योंकि उसे विश्वास रहता है कि देवता भी
शासक के साथ हैं।¹
पृष्ठ 29 (26)
सैनिक और चिन्तन :
“यदि मेरे सैनिक सोचना शुरू कर दें, तब तो उनमें से कोई भी सेना में नहीं
रहेगा।”
(फ़्रेडरिक महान²) 562
मरे जो सर्वश्रेष्ठ वीर :
मारे गये हैं सर्वश्रेष्ठ वीर। दफ़ना दिये गये वे
चुपचाप, एक निर्जन भूमि में,
कोई आँसू नहीं बहे उन पर
अजनबी हाथों ने उन्हें पहुँचा दिया क़ब्र में,
कोई सलीब नहीं, कोई घेरा नहीं, कोई समाधि-लेख नहीं
जो बता सके उनके गौरवशाली नाम।
घास उग रही है उन पर, एक दुर्बल पत्ती
झुकी हुई, जानती है इस रहस्य को,
बस एकमात्र साक्षी थीं उफनती लहरें,
जो प्रचण्ड आघात करती हैं तट पर,
लेकिन वे प्रचण्ड लहरें भी नहीं ले जा सकतीं
अलविदा के सन्देश
उनके सुदूर घर तक।
(वी.एन. फ़िग्नर)³
कारागार :
“तारे नहीं, देश नहीं, काल नहीं,
ठहराव नहीं, बदलाव नहीं, नेकी नहीं, बदी नहीं,

  1. अरस्तू, पॉलिटिक्स
  2. प्रशा का फ़्रेडरिक (1712-1786): प्रबुद्ध निरंकुश शासक के रूप में प्रसिद्ध
  3. वेरा निकोलायेव्ना फ़िग्नर (1852-1942) रूसी महिला क्रान्तिकारी और शहीद,
    ज़ारशाही के विरुद्ध युद्ध की घोषणा करने वाली प्रथम रूसी महिलाओं में एक
    582 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़