भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 584, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंनहीं बाँध सकती कोई भी कला – इस सूक्ष्म ताक़त को
जो फूटती ज़मीन से जलधारा की भाँति,
और पा लेती हर कोने में एक होंठ
जो इसकी क़द्र करे।
– डब्ल्यू. वर्ड्सवर्थ $^1$
पृष्ठ 26 (23)
लाइट ब्रिगेड का धावा
आधा लीग आधा लीग,
आधा लीग और,
मौत की घाटी में
बढ़ चले छः सौ वीर।
‘बढ़े चलो लाइट ब्रिगेड!
भर लो बन्दूकें!’ वह बोला,
मौत की घाटी में
बढ़ चले छः सौ वीर।
‘बढ़े चलो लाइट ब्रिगेड!’
क्या कोई था घबराया?
नहीं, गोकि मालूम था सैनिकों को
किसी न कर दी थी भारी भूल,
उनका काम नहीं था उत्तर देना,
उनका काम नहीं था सवाल पूछना,
उन्हें था बस लड़ना और मर जाना
मौत की घाटी में
बढ़ चले छः सौ वीर।
तोपें उनके दायें बाजू,
तोपें उनके बायें बाजू,
तोपें उनके ठीक सामने,
दगतीं और गरजतीं,
गोलाबारी की आँधी में,
बढ़ चले निडर वे सीधे
- विलियम वर्ड्सवर्थ (1750-1850) : प्रसिद्ध अंग्रेज़ कवि, जो अपनी युवावस्था में रैडिकल और गणतन्त्र समर्थक रहे।
578 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़