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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 579, कुल 788 में से

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पृष्ठ 579

भीख : “धरती पर उस आदमी से अधिक घृणास्पद और
अरुचिकर और कोई नहीं है जो भीख देता है। और, वैसे ही उस
आदमी से अधिक दयनीय और कोई नहीं है जो उसे स्वीकार करता है।
मक्सिम गोर्की¹, पृष्ठ 204
स्वतन्त्रता
वे मृत शरीर नवयुवकों के,
वे शहीद जो झूल गये फाँसी के फन्दे से –
वे दिल जो छलनी हो गये भूरे सीसे से,
सर्द और निष्पन्द जो वे लगते हैं, जीवित हैं और कहीं
अबाधित ओज के साथ।
वे जीवित हैं अन्य युवा-जन में, ओ राजाओ।
वे जीवित हैं अन्य बन्धु-जन में, फिर से तुम्हें चुनौती देने को तैयार।
वे पवित्र हो गये मृत्यु से –
शिक्षित और समुन्नत।
पृष्ठ 21 (18)
दफ़न न होते आज़ादी पर मरने वाले
पैदा करते हैं मुक्ति-बीज, फिर और बीज पैदा करने को।
जिसे ले जाती दूर हवा और फिर बोती है और जिसे
पोषित करते हैं वर्षा जल और हिम।
देहमुक्त जो हुई आत्मा उसे न कर सकते विच्छिन्न
अस्त्र-शस्त्र अत्याचारी के
बल्कि हो अजेय रमती धरती पर, मरमर करती,
बतियाती, चौकस करती।
(वाल्ट हिटमैन², पृष्ठ 268)
मुक्त चिन्तन : “यदि कोई ऐसी चीज़ हो जो मुक्त चिन्तन को बरदाश्त न
कर सके, तो वह भाड़ में जाये।”
– विण्डेल फिलिप³, पृष्ठ 271

  1. मक्सिम गोर्की (1868-1936) : प्रसिद्ध रूसी सर्वहारा क्रान्तिकारी लेखक
  2. वाल्ट व्हिटमैन (1819-92): प्रसिद्ध अमेरिकी कवि; उनकी विख्यात कविता लीव्ज़
    ऑफ़ ग्रास से
  3. विण्डेल फिलिप्स (1811-1884) : अमेरिकी वक्ता, सुधारक, और दासता विरोधी
    आन्दोलन के सक्रिय कार्यकर्ता
    शहीदेआज़म की जेल नोटबुक / 573