भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 580, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंराज्य : “राज्य दफ़ा हो जाये! मैं ऐसी क्रान्ति में भाग लूँगा। राज्य की समूची
अवधारणा का मूलोच्छेदन कर दो, मुक्त चयन और आत्मिक बन्धुता को
ही किसी एकता की एकमात्र सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण शर्तें होने की घोषणा करो, और
तभी तुम एक ऐसी आज़ादी की शुरुआत करोगे जिसकी कोई सार्थकता होगी।”
– हेनरिक इब्सन¹, पृष्ठ 273
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उत्पीड़न : “उत्पीड़न निश्चय ही एक समझदार आदमी को पागल बना देता है।”
– *(पृष्ठ 278)*²
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<u>पृष्ठ 22 (19)</u>
शहीद : जो आदमी अपने साथी मनुष्यों द्वारा किये जाने वाले अत्याचार का विरोध
करने के प्रयास में, अपनी जान पर खेलते हुए, अपनी सारी ज़िन्दगी
निछावर कर देता है, वह अत्याचार और अन्याय के सक्रिय और निष्क्रिय समर्थकों
की तुलना में एक सन्त है, भले ही उसके विरोध से उसकी अपनी ज़िन्दगी के
साथ-साथ अन्य ज़िन्दगियाँ भी क्यों न नष्ट हो जाती हों। ऐसे व्यक्ति पर पहला
पत्थर वही मारने का हक़दार हो सकता है जिसने कभी कोई पाप न किया हो।
(पृष्ठ 287)³
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जब तक कोई निचला वर्ग है, मैं उसमें ही हूँ।
निचला वर्ग : जब तक कोई अपराधी तत्त्व है, मैं उसमें ही हूँ।
जब तक कोई जेल में क़ैद है, मैं आज़ाद नहीं हूँ।
– यूजीन बी. डेब्स ⁴(144)
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सबके विरुद्ध एक *(चार्ल्स फ़ूरिए : 1772-1837)*⁵
वर्तमान सामाजिक व्यवस्था एक हास्यास्पद तन्त्र है, जिसमें सम्पूर्ण के अंश, इस
- हेनरिक इब्सन (1828-1906) : नार्वे के प्रसिद्ध नाटककार, आधुनिक गद्य नाटक की शुरुआत करने वाले माने जाते हैं।
- एक्लेज़िआस्तिज़ (हिब्रू बाइबिल का एक हिस्सा) अध्याय 7, पद 7
- अमेरिकी अराजकतावादी एमा गोल्डमान (1869-1940) के एक निबन्ध से
- यूजीन बी. डेब्स (1855-1926) : अमेरिकी समाजवादी नेता, 1918 में प्रथम विश्वयुद्ध विरोधी एक भाषण के कारण हुई दस वर्ष क़ैद की सज़ा सुनाये जाते वक़्त अदालत में बयान
- फ्राँस्वा मेरी चार्ल्स फ़ूरिये (1772-1837) : फ्रांसीसी समाजवादी लेखक; उद्धरण का स्रोत अज्ञात
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