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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 576, कुल 788 में से

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पृष्ठ 576

पृष्ठ 17 (14)
“लोगों के सिर कलम कर दिये जाने को तो हम भयंकर मानते हैं, पर हमें
जीवन-पर्यन्त बरक़रार रहने वाली मृत्यु की उस भयंकरता को देखना नहीं सिखाया
गया है जो ग़रीबी और अत्याचार द्वारा व्यापक आबादी पर थोप दी गयी है।”
– मार्क ट्वेन¹
अराजकतावादी : “...साहित्य के चयन में अराजकतावादियों और विद्रोह
भड़काने वालों को भी स्थान मिल जाता है; और यदि उसकी
कुछ चीजें पाठक को महज आक्रोश का उद्गार ही लगें, तो भी मैं कहना चाहूँगा
कि इसके लिए साहित्य के समर्पित चयनकर्ता को दोष नहीं देना चाहिए, यहाँ तक
कि रचनाकार को भी दोष नहीं देना चाहिए – उसे (यानी पाठक को – स.) को
स्वयं अपनेआप को ही दोष देना चाहिए, कि उसने उन परिस्थितियों की मौजूदगी
में चुप्पी साध ली है, जिनके चलते उसके देश-समाज के लोग पागलपन और
निराशा की चरम सीमा पर जा पहुँचे हैं।”
– अप्टन सिंक्लेयर², भूमिका, 19, क्राइ फ़ॉर जस्टिस
बूढ़ा मज़दूर : “...वह (बेरोज़गार बूढ़ा मज़दूर) उम्र से, प्रकृति से, और
परिस्थितियों से जूझ रहा था; समाज, क़ानून और व्यवस्था का
सारा बोझ उसके ऊपर भारी पड़ता हुआ, उसे अपना आत्मसम्मान और आज़ादी खो
देने पर मजबूर कर रहा था...। उसने फार्मों के दरवाज़े खटखटाये और वह सिर्फ़
मनुष्य में ही अच्छाई पा सका – क़ानून और व्यवस्था में नहीं, बल्कि सिर्फ़ मनुष्य
में ही।”
– रिचर्ड जेफ़रीज़ (80)³
पृष्ठ 18 (15)
ग़रीब मज़दूर : “...और हम लोग, जिन्होंने इस काम को अंजाम देने का
बीड़ा उठाया, इस दुनिया में कुजात ही रहे। एक अन्धी
क़िस्मत, एक विराट निर्मम तन्त्र ने काट-छाँटकर हमारे अस्तित्व का ढांचा निर्धारित

  1. असली नाम सैमुअल लैंगहॉर्न क्लीमेंस (1835-1910) : मशहूर अमेरिकी उपन्यासकार
    और व्यंग्यकार
  2. मशहूर अमेरिकी उपन्यासकार और समाजवादी-सुधारक (1878-1968)। क्राइ फ़ॉर
    जस्टिस सामाजिक प्रतिरोध के साहित्य का एक अनूठा संकलन है जो सिंक्लेयर के सम्पादन
    में 1915 में प्रकाशित हुआ था। आगे कई पृष्ठों तक के नोट्स इसी पुस्तक से लिये गये हैं।
  3. अंग्रेज़ प्रकृतिवादी और उपन्यासकार (1848-1887)
    570 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़