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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 572, कुल 788 में से

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पृष्ठ 572

धर्म : “धर्म के प्रति मेरा अपना दृष्टिकोण वही है जो ल्यूक्रेटियस
का है। मैं इसे भय से पैदा हुई एक बीमारी के रूप में, और मानवजाति के लिए
एक अकथनीय दुख के रूप में मानता हूँ। लेकिन, मैं इससे इन्कार नहीं कर सकता
कि इसने सभ्यता में कुछ योगदान भी किया है। इसने आरम्भिक काल में
पंचांग-निर्धारण में मदद की, और इसी के चलते मिस्र के पुरोहितों ने ग्रहणों का
लेखा-जोखा इतनी सावधानी के साथ रखा कि बाद में वे इनके बारे में भविष्यवाणी
कर सकने में समर्थ हो गये। इन दो सेवाओं को तो मैं मानने के लिए तैयार हूँ,
लेकिन और किसी के बारे में मैं नहीं जानता।
-बर्ट्रेण्ड रसेल¹
पृष्ठ 13 (10)
परोपकारी निरंकुशता : मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड² ने ब्रिटिश सरकार को एक
'परोपकारी निरंकुशता' कहा है और, ब्रिटिश लेबर पार्टी के साम्राज्यवादी नेता, रैम्जे
मैक्डोनाल्ड³ के अनुसार “एक 'परोपकारी निरंकुशता' द्वारा किसी देश पर शासन
करने के सभी प्रयासों में, शासितों को कुचल डाला जाता है। वे व्यवहारशील
नागरिक नहीं, आज्ञाकारी प्रजा बन जाते हैं। उनका साहित्य, उनकी कला, उनकी
आत्मिक अभिव्यक्ति मर जाती है।”
भारत के प्रभारी विदेशमन्त्री, आनरेबल एस. मॉन्टेग्यू ने
भारत सरकार : हाउस ऑफ़ कामंस में 1917 में कहा “भारत सरकार,
आधुनिक उद्देश्यों के लिए किसी भी काम लायक होने की
दृष्टि से बेहद जड़, बेहद निर्मम, बेहद आदिम, और बेहद दकियानूस है। भारत
सरकार असमर्थनीय है।”

  1. महान गणितज्ञ और दार्शनिक बर्ट्रेण्ड आर्थर विलियम रसेल (1872-1972)
  2. भारत में संवैधानिक सुधारों के सम्बन्ध में मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड रिपोर्ट (1918) जिसके
    आधार पर भारत सरकार अधिनियम, 1919 के तहत दोहरा शासन लागू हुआ। एडविन सैमुअल
    मॉन्टेग्यू (1877-1924) 1917 से 1922 तक भारत के मामलों का प्रभारी ब्रिटिश विदेशमन्त्री
    और लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड 1916 से 1920 तक भारत का वायसराय रहा।
  3. जेम्स रैम्जे मैक्डोनाल्ड (1866-1937) : ब्रिटिश राजनयिक और ब्रिटिश लेबर पार्टी का
    संस्थापक सदस्य। 1923-24 में तथा 1929-35 में ब्रिटेन का प्रधानमन्त्री रहा।
    566 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़