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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 569, कुल 788 में से

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पृष्ठ 569
  1. महान उपलब्धियाँ : (i) लोहे के उन्नत औज़ार, (ii) भाथियाँ, (iii) जान्ता,
    (iv) कुम्हार का चाक, (v) तेल और शराब निकालना, (vi) धातुओं की ढलाई,
    (vii) गाड़ी और रथ (viii) जहाज़-निर्माण [पृष्ठ 9 (6)] (ix) कलात्मक
    वास्तु-शिल्प, (x) शहर और क़िलों का निर्माण, (xi) होमर युग और सम्पूर्ण
    मिथकशास्त्र
    इन उपलब्धियों के साथ ही, यूनानी तीसरी अवस्था – “सभ्यता” – में
    प्रवेश कर जाते हैं।
    संक्षेप में :
  2. असभ्यता : मुख्य तौर पर तैयारशुदा प्राकृतिक उत्पादों के विनियोजन का
    काल; मानवीय बुद्धि-कुशलता मुख्यतः इस विनियोजन में सहायक सिद्ध होने वाले
    उपयोगी औज़ारों का आविष्कार करती है।
  3. बर्बरता : पशुपालन, कृषि एवं मानवीय अभिकर्ता द्वारा प्रकृति की
    उत्पादकता बढ़ाने के नये-नये तरीक़ों का ज्ञान हासिल करने का काल।
  4. सभ्यता : प्राकृतिक उत्पादों के व्यापकतर उपयोग सीखने का,
    मैन्युफ़ैक्चरिंग का, तथा कला का काल।
    इस प्रकार, हमें, मानव-विकास की तीन मुख्य अवस्थाओं से आमतौर पर मेल
    खाते हुए परिवार के तीन मुख्य रूप मिलते हैं :
  5. असभ्यता के काल में : “यूथ विवाह”
  6. बर्बरता के काल में : युग्म परिवार
  7. सभ्यता के काल में : एकनिष्ठ विवाह के साथ-साथ व्यभिचार और
    वेश्यावृत्ति। युग्म परिवार और एकनिष्ठ विवाह के दरम्यान, बर्बरता की उच्चतर
    अवस्था में, दासियों के ऊपर पुरुषों के शासन और बहुपत्नी-विवाह का प्रवेश।
    (पृष्ठ 90)
    पृष्ठ 10 (7)
    विवाह के दोष
    ख़ासतौर से एक दीर्घकालिक लगाव, दस मामलों में से नौ में, व्यभिचार का
    एक पक्का प्रशिक्षण स्कूल होता है। (पृष्ठ 91)
    समाजवादी क्रान्ति और विवाह संस्था
    अब हम एक ऐसी सामाजिक क्रान्ति की ओर अग्रसर हो रहे हैं जिसके
    परिणामस्वरूप एकनिष्ठ विवाह का वर्तमान आर्थिक आधार उतने ही निश्चित रूप
    शहीदेआज़म की जेल नोटबुक / 563