भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 515, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंउसे अपनी स्वयं की पहलक़दमी का विकास करना चाहिए और यह याद
रखना चाहिए कि एसोसिएशन की सफलता उसके एक-एक सदस्यों की सूझबूझ,
पहलक़दमी और दायित्वबोध पर काफ़ी कुछ निर्भर करती है।
उसका व्यवहार इस प्रकार का होना चाहिए कि जोकि उसे ध्येय के बारे में
पूर्वाग्रह न क़ायम करे जिसके लिए उसका एसोसिएशन लगा हुआ है और इस
संगठन को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से नुक़सान पहुँचाने वाले व्यवहार से दूर रहना
चाहिए।
ज़िला संगठनकर्ता की सहमति के बग़ैर इस एसोसिएशन का कोई भी सदस्य
किसी भी दूसरे संगठन से सम्बन्ध नहीं रख सकेगा।
कोई भी सदस्य ज़िला संगठनकर्ता को बताये बग़ैर अपनी जगह को नहीं
छोड़ेगा।
प्रत्येक सदस्य को इस बात की भरसक कोशिश करनी होगी कि वह पुलिस
या जनता की निगाह में क्रान्तिकारी जमात से सम्बन्ध रखने के लिए सन्देह के घेरे
में न आ जाये।
प्रत्येक सदस्य को यह याद रखना होगा कि उसका अपना व्यवहार और
ग़लतियाँ समूचे संगठन को विनष्ट करने की ओर ले जा सकती हैं।
कोई भी सदस्य जहाँ तक उसके सार्वजनिक जीवन का सम्बन्ध है, ज़िला
संगठनकर्ता से कुछ भी नहीं छिपायेगा।
ग़द्दारी करने वाले सदस्यों को निष्कासन या मौत के द्वारा दण्डित किया जायेगा।
दण्ड देने का अधिकार पूरी तरह से “प्रा. स.” के पास होगा।
परिशिष्ट / 509