भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
DevanagariHindipublished788 पृष्ठ
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- किसानों से लिए जाने वाले सभी ख़र्च बन्द करना। सिर्फ़ इकहरा
भूमि-कर लिया जायेगा। - कारख़ानों का राष्ट्रीयकरण और देश में कारख़ाने लगाना।
- आम शिक्षा।
- काम करने के घण्टे ज़रूरत के अनुसार कम करना।
जनता ऐसे कार्यक्रम के लिए ज़रूर हामी भरेगी। इस समय सबसे ज़रूरी काम
यही है कि हम लोगों तक पहुँचें। थोपी हुई अज्ञानता ने एक ओर से और
बुद्धिजीवियों की उदासीनता ने दूसरी ओर से – शिक्षित क्रान्तिकारियों और
हथौड़े-दराँत वाले उनके अभागे अर्धशिक्षित साथियों के बीच एक बनावटी दीवार
खड़ी कर दी है। क्रान्तिकारियों को इस दीवार को अवश्य ही गिराना है। इसके लिए
निम्न काम ज़रूरी हैं – - कांग्रेस के मंच का लाभ उठाना।
- ट्रेड यूनियनों पर क़ब्ज़ा करना और नयी ट्रेड यूनियनों व संगठनों को
जुझारू रूप में स्थापित करना। - राज्यों की यूनियनें बनाकर उन्हें उपरोक्त बातों के आधार पर संगठित
करना। - प्रत्येक सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों में (यहाँ तक कि सहकारिता
सोसायटियों), जिनसे जनता तक पहुँचने का अवसर मिलता है, गुप्त रूप
से दाख़िल होकर इनकी कार्रवाइयों को इस रूप में चलाना कि असल
मुद्दे और उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा सके। - दस्तकारों की समितियाँ, मज़दूरों और बौद्धिक काम करने वालों की
यूनियनें हर जगह स्थापित की जायें।
ये कुछ रास्ते हैं जिनसे पढ़े-लिखे, प्रशिक्षित क्रान्तिकारी लोगों तक पहुँच
सकते हैं। और एक बार पहुँच जायें तो प्रशिक्षण के जरिये पहले तो अपने अधिकारों
की उत्साहपूर्वक पुष्टि कर सकते हैं और फिर हड़तालों और काम रोकने के तरीक़ों
से जुझारू हल निकाल सकते हैं।
क्रान्तिकारी पार्टी
क्रान्तिकारियों के सक्रिय ग्रुप की मुख्य ज़िम्मेदारी, जनता तक पहुँचने और उन्हें
सक्रिय बनाने की तैयारी में होती है। यही हैं वे चलते-फिरते दृढ़ इरादों के लोग
जो राष्ट्र को जुझारू जीवनी शक्ति देंगे। ज्यों-ज्यों परिस्थितियाँ पकती हैं तो इन्हीं
क्रान्तिकारी बुद्धिजीवियों – जो बुर्जुआ व पेटी बुर्जुआ से आते हैं और कुछ समय
तक इसी वर्ग से आते भी रहेंगे, लेकिन जिन्होंने स्वयं को इस वर्ग की परम्पराओं
से अलग कर लिया होता है – से क्रान्तिकारी पार्टी बनेगी और फिर इसके गिर्द
विचारों की सान पर क्रान्ति की तलवार / 493