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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 438, कुल 788 में से

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पृष्ठ 438

कुलतार के नाम भगतसिंह का
अन्तिम पत्र¹
सेण्ट्रल जेल, लाहौर
3 मार्च, 1931
प्यारे कुलतार,
आज तुम्हारी आँखों में आँसू देखकर बहुत दुख पहुँचा। आज तुम्हारी बातों में
बहुत दर्द था। तुम्हारे आँसू मुझसे सहन नहीं होते।
बरखुरदार, हिम्मत से विद्या प्राप्त करना और स्वास्थ्य का ध्यान रखना। हौसला
रखना, और क्या कहूँ –
उसे यह फ़िक्र है हरदम नया तर्ज़े-जफ़ा क्या है,
हमें यह शौक़ है देखें सितम की इन्तहा क्या है।
दहर से क्यों ख़फ़ा रहें, चर्ख़ का क्यों गिला करें,
सारा जहाँ अदू सही, आओ मुक़ाबला करें।
कोई दम का मेहमाँ हूँ ऐ अहले-महफ़िल,
चरागे-सहर हूँ बुझा चाहता हूँ।
मेरी हवा में रहेगी ख़याल की बिजली,
ये मुश्ते-ख़ाक़ है फ़ानी, रहे रहे न रहे।
अच्छा रुख़सत। खुश रहो अहले-वतन; हम तो सफ़र करते हैं। हिम्मत से
रहना। नमस्ते।
तुम्हारा भाई,
भगतसिंह

  1. फाँसी लगने से बीस दिन पूर्व
    432 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़