भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 431, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंइसके साथ ही यह विचार हमारे सामने था कि अपने बचने के बजाय उसको मारने
का ज़्यादा ध्यान रखना है। हम यह भी नहीं चाहते थे कि जिस पर गोली चलायी
जाये वह हस्पताल जाकर मरे। इसीलिए राजगुरु द्वारा गोली मार देने के बाद भी
भगतसिंह ने तब तक गोली चलानी बन्द न की जब तक उसे तसल्ली नहीं हो गयी
कि वह मर गया है।
मारकर भाग जाना ही हमारा उद्देश्य नहीं था। हम तो चाहते थे कि देश जान
जाये कि यह political murder है और इस action के करने वाले
revolutionaries हैं न कि मालंगी के साथी, इसलिए हमने उसके बाद posters
लगाये और कुछ posters अख़बार वालों को छापने के लिए भेजे। अफ़सोस, हमारे
नेताओं और अख़बार वालों ने हमें इस सम्बन्ध में कुछ सहायता न की और Govt.
को धोखे में रखने के विचार से देशवासियों को धोखा दिया। हम तो केवल इतना
ही चाहते थे कि वह इसके सम्बन्ध में यह गोल-मोल करके लिख दें कि यह
political murder है और Govt. की policy का ही परिणाम है। ऐसे actions के
लिए वह responsible है। लेकिन उन्होंने जानते-बूझते और मेरे बार-बार कहने के
बावजूद भी ऐसा कहने की हिम्मत नहीं की। अच्छा हुआ हम पकड़े गये और देश
के सम्मुख सब प्रगट हो गया। मैं तो भाई, अपने पकड़े जाने को सौभाग्य समझता
हूँ। सिर्फ़ इसीलिए इस action की nature को clear कर देने के पश्चात अब मैं
इस policy को (Note : इसी समय पता लगा है कि आज Judgement होगी,
चलना है कि नहीं यह पूछने के लिए ख़ाँ साहिब और बख्शी जी आये थे। हम
सबने इन्कार कर दिया है) रखना चाहता हूँ। हमारा विचार था कि हमारे actions
जनता की desires और Govt. द्वारा grievances के उत्तर में होने चाहिए ताकि
हम लोग जनता को अपने साथ ले सकें और जनता हमारे प्रति सहानुभूति और
सहायता दिखाने के लिए तैयार हो जाये। इसके साथ-साथ हमारा यह विचार था
कि revolutionary ideals और tactics को public में फैलाया जाये और यह
उसके मुख से ज़्यादा अच्छी लगती है जो इनकी ख़ातिर gallows पर खड़ा हो।
तीसरा उद्देश्य यह था कि Govt. से direct टक्कर लेने से हमारी organisation
एक निश्चित programme अपने लिए बना सकेगी।
बाक़ी दो प्रकार के actions के सम्बन्ध में कुछ ज़्यादा नहीं कहना चाहता हूँ।
Money actions के लिए इतना आवश्यक होना चाहिए कि बंगाल वालों की तरह
dacoities में ज़्यादा energy और attention देना ठीक नहीं है। साथ ही
छोटी-छोटी dacoities क़तई लाभदायक सिद्ध नहीं हुई हैं। इसलिए हम सबकुछ
देकर भी एक जुआ खेलने को तैयार हो गये थे ताकि अगर बच गये तो अच्छी
तरह से निश्चिन्त होकर अपना काम करते जायेंगे और पैसा की समस्या को हम
एक बार risk लेकर हल करेंगे। साण्डर्स के murder के बाद तो हमें पैसा के लिए
जेल की सलाख़ों के पीछे से / 425