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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 429, कुल 788 में से

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सुखदेव का अधूरा पत्र
राष्ट्रीय अभिलेखागार, भारत सरकार, नयी दिल्ली के सौजन्य से प्राप्त सुखदेव
की यह अपूर्ण, अप्रेषित चिट्ठी सुखदेव के बोर्स्टल जेल से, सेण्ट्रल जेल लाहौर में
स्थानान्तरण के समय प्राप्त हुई थी। मूल चिट्ठी पाकिस्तान सरकार के रिकॉर्ड में
है लेकिन इसकी फ़ोटोस्टेट प्रतिलिपि राष्ट्रीय अभिलेखागार में उपलब्ध है। – स.
7 अक्टूबर, 1930
बिरादरमन,
देर से कुछ भावनाएँ हृदय में उठ रही थीं जिनको कुछ कारणोंवश अब तक
दबाये हुए था। किन्तु अब अधिक नहीं दबा सकता। दबा सकता ही नहीं वरन
उनको दबाना उचित भी नहीं समझता। कह नहीं सकता मेरे इस प्रकार भाव
प्रकट करने को आप अच्छा समझें या बुरा। इनको कुछ महत्त्व दें या नहीं। ये
आपके अनुकूल हों या नहीं। आप इनसे सहमत हों या नहीं। लेकिन मैं तो वही
कर रहा हूँ जो मुझे उचित मालूम दे रहा है। आप इन्हें ग्रहण करना चाहें करें,
यह आपकी इच्छा है। और यदि आप इसका उत्तर देना चाहें तो बड़ी अच्छी बात
हो। इससे यह लाभ होगा कि मेरे विचार भी कुछ clear हो जायेंगे और मुझे इस
बात की तसल्ली भी हो जायेगी कि जेल की चारदीवारी ने मुझे मेरे ठीक-ठीक
judge कर सकने की शक्ति से वंचित नहीं कर दिया और practical life के field
से अलग हो जाने पर मैं idle और Vain Schemes के सोचने का आदी नहीं हो
गया हूँ।
जब से हम लोग जेल में आये हैं बाहिर का वातावरण बहुत गरम हो रहा है।
जहाँ तक actions का सम्बन्ध है, पत्रों द्वारा पता चलता है कि क़रीब हर एक
province में, ख़ासकर पंजाब और बंगाल में तो हद ही हो गयी है। इस पर
bomb तो एक साधारण-सी बात हो गयी है। बम द्वारा इतने actions हमारे
इतिहास में शायद ही कभी हुए होंगे। इन्हीं actions के बारे में ही मैं यहाँ पर
आपसे कुछ कहना चाहता हूँ। इस बारे में actions के सम्बन्ध में हमारी अपनी
जेल की सलाख़ों के पीछे से / 423