सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 428, कुल 788 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 428

हूँ, जिसे आप अपने पुत्र के लिए अच्छा नहीं समझते। यदि ऐसा है तो मैं आपको
बताना चाहता हूँ कि आपका ऐसा विचार करना भूल है। अपने शरीर की जितनी
फिकर मुझे रहती है और देश तथा धर्म की ख़ातिर अपने शरीर को ख़राब करने
के बरख़िलाफ़ जितना मैं हूँ और शायद ही कोई हो। ऐसी अवस्था में मैं नहीं
समझता कि आपकी नाराज़गी का क्या कारण है।
साथ ही यह बात भी मैं आपके आगे रख देना चाहता हूँ कि मैं इस बात को
बहुत बुरा समझता हूँ कि मैं यह कुछ भी करने में सदा इस बात का ध्यान रखूँ
कि दूसरे क्या विचार करेंगे और न ही मैं यह अच्छा समझता हूँ कि और कोई मेरे
व्यक्तिगत जीवन की बातों में मुझे अपनी इच्छाओं से बाध्य करे। मैं चाहे कोई भी
हो – किसी की ख़ातिर अपना व्यक्तित्व खोना नहीं चाहता और फिर ऐसी-ऐसी
मामूली बातों की ख़ातिर मैं स्वयं इन बातों से तंग हो जाता हूँ।
दूसरा कारण आपके दुखी रहने का है मेरा आजकल का Attitude। ठीक है।
माता-पिता के लिए गौरव की बात यही है कि उनका लड़का उनके लिए नेकनामी
पैदा करे न कि कलंक। माता-पिता की सदा यह इच्छा रहती है कि उनका लड़का
बड़ा नाम कमाये और जीवन के संग्रामों में किसी से भी पीछे न रहे। मैं जानता
हूँ आपकी भी ऐसी ही मानसिक अवस्था है और जब आप देखते हैं कि मैं किसी
बात में भाग नहीं लेता और हमेशा चुप रहता हूँ तो आपको बहुत दुख होता है।
सचमुच, मैं आपसे सच्चे दिल से कहता हूँ, आपको इस बारे में दुखी देखकर मैं
स्वयं बहुत दुखी होता हूँ। और क्या कहूँ, मैंने इस कारण से कितने अपनों को नाराज़
किया है और कितनों की नज़र में बुरा बना हूँ। इतना होने पर भी इस बारे में मैं
कुछ नहीं कहना चाहता और न सफ़ाई देना चाहता हूँ। पर आपसे यह अवश्य कहूँगा
कि आप कभी इन विचारों को लेकर दुखी न हों और मैं क्या करता हूँ और मुझे
क्या करना चाहिए, इन बातों पर कभी विचार ही न करना चाहिए।
क्योंकि आपको यक़ीन करना चाहिए कि मैं आपका पुत्र हूँ। बस यही मेरी
सफ़ाई है। इस पर यक़ीन कीजिये।
क्या मैं आशा कर सकता हूँ कि आप मेरी ओर से निश्चिन्त हो जायेंगे।
आपका पुत्र,
सुखदेव
422 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़