भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 425, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंकरता तो मैं इसे ग़द्दारी से कम न मानता, लेकिन आपके सन्दर्भ में मैं इतना ही
कहूँगा कि यह एक कमज़ोरी है – निचले स्तर की कमज़ोरी।
यह एक ऐसा समय था जब हम सबका इम्तिहान हो रहा था। मैं यह कहना
चाहता हूँ कि आप इस इम्तिहान में नाकाम रहे हैं। मैं जानता हूँ कि आप भी इतने
ही देशप्रेमी हैं, जितना कि कोई और व्यक्ति हो सकता है। मैं जानता हूँ कि आपने
अपनी पूरी ज़िन्दगी भारत की आज़ादी के लिए लगा दी है, लेकिन इस अहम मोड़
पर आपने ऐसी कमज़ोरी दिखायी, यह बात मैं समझ नहीं सकता।
अन्त में मैं आपसे, आपके अन्य मित्रों एवं मेरे मुक़दमे में दिलचस्पी लेने वालों
से यह कहना चाहता हूँ कि मैं आपके इस क़दम को नापसन्द करता हूँ। मैं आज
भी अदालत में अपना कोई बचाव प्रस्तुत करने के पक्ष में नहीं हूँ। अगर अदालत
हमारे कुछ साथियों की ओर से स्पष्टीकरण आदि के लिए प्रस्तुत किये गये आवेदन
को मंज़ूर कर लेती, तो भी मैं कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करता।
भूख हड़ताल के दिनों में ट्रिब्यूनल को जो आवेदन पत्र मैंने दिया था और उन
दिनों में जो साक्षात्कार दिया था उन्हें ग़लत अर्थों में समझा गया है और अख़बारों
में यह प्रकाशित कर दिया गया कि मैं अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना चाहता हूँ,
हालाँकि मैं हमेशा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के विरोध में रहा। आज भी मेरी वही
मान्यता है जो उस समय थी।
बोर्स्टल जेल में बन्दी मेरे साथी इस बात को मेरी ओर से ग़द्दारी और
विश्वासघात ही समझ रहे होंगे। मुझे उनके सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने का
अवसर भी नहीं मिल सकेगा।
मैं चाहूँगा कि इस सम्बन्ध में जो उलझनें पैदा हो गयी हैं, उनके विषय में
जनता को असलियत का पता चल जाये। इसलिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि
आप जल्द से जल्द यह चिट्ठी प्रकाशित कर दें।
आपका आज्ञाकारी,
भगतसिंह
जेल की सलाख़ों के पीछे से / 419