भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 386, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंअदालत एक ढकोसला है
छह साथियों का एलान
कमिश्नर,
विशेष ट्रिब्यूनल,
लाहौर साज़िश केस, लाहौर
जनाब,
अपने छह साथियों की ओर से, जिनमें कि मैं भी शामिल हूँ, निम्नलिखित
स्पष्टीकरण इस सुनवाई के शुरू में ही देना आवश्यक है। हम चाहते हैं कि यह
दर्ज किया जाये।
हम मुक़दमे की कार्यवाही में किसी भी प्रकार भाग नहीं लेना चाहते, क्योंकि
हम इस सरकार को न तो न्याय पर आधारित समझते हैं और न ही क़ानूनी तौर
पर स्थापित। हम अपने विश्वास से यह घोषणा करते हैं कि “समस्त शक्ति का
आधार मनुष्य है। कोई व्यक्ति या सरकार किसी भी ऐसी शक्ति की हक़दार नहीं
है जो जनता ने उसको न दी हो।” क्योंकि यह सरकार इन सिद्धान्तों के विपरीत
है इसलिए इसका अस्तित्व ही उचित नहीं है। ऐसी सरकारें जो राष्ट्रों को लूटने के
लिए एकजुट हो जाती हैं उनमें तलवार की शक्ति के अलावा कोई आधार क़ायम
रहने के लिए नहीं होता। इसीलिए वे वहशी ताक़त के साथ मुक्ति और आज़ादी
के विचार और लोगों की उचित इच्छाओं को कुचलती हैं।
हमारा विश्वास है कि ऐसी सरकारें, विशेषकर अंग्रेज़ी सरकार जो असहाय और
असहमत भारतीय राष्ट्र पर थोपी गयी है, गुण्डों, डाकुओं का गिरोह और लुटेरों का
टोला है जिसने क़त्लेआम करने और लोगों को विस्थापित करने के लिए सब प्रकार
की शक्तियाँ जुटायी हुई हैं। शान्ति-व्यवस्था के नाम पर यह अपने विरोधियों या
रहस्य खोलने वाले को कुचल देती है।
हमारा यह भी विश्वास है कि साम्राज्यवाद एक बड़ी डाकेजनी की साज़िश
के अलावा कुछ नहीं। साम्राज्यवाद मनुष्य के हाथों मनुष्य के और राष्ट्र के हाथों
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