सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 370, कुल 788 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 370

तीसरे इण्टरनेशनल, मास्को के अध्यक्ष को तार
24 जनवरी, 1930 को लेनिन-दिवस के अवसर पर लाहौर षड्यन्त्र केस के
विचाराधीन कैदी अपनी गरदनों में लाल रूमाल बाँधकर अदालत में आये। वे
काकोरी-गीत गा रहे थे। मजिस्ट्रेट के आने पर उन्होंने ‘समाजवादी क्रान्ति –
ज़िन्दाबाद’ और ‘साम्राज्यवाद – मुर्दाबाद’ के नारे लगाये। फिर भगतसिंह ने
निम्नलिखित तार तीसरी इण्टरनेशनल, मास्को के अध्यक्ष के नाम प्रेषित करने के
लिए मजिस्ट्रेट को दिया –
“लेनिन-दिवस के अवसर पर हम सोवियत रूस में हो रहे महान अनुभव और
साथी लेनिन की सफलता को आगे बढ़ाने के लिए अपनी दिली मुबारक़बाद भेजते
हैं। हम अपने को विश्व-क्रान्तिकारी आन्दोलन से जोड़ना चाहते हैं। मज़दूर-राज की
जीत हो। सरमायादारी का नाश हो।
साम्राज्यवाद – मुर्दाबाद!!”
विचाराधीन कैदी,
24 जनवरी, 1930 लाहौर षड्यन्त्र केस
(ट्रिब्यून, लाहौर 26 जनवरी, 1930 में प्रकाशित)
364 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़