भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 311, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंकी नौका को लंगर उठाने दो। उसे सागर की लहरों पर तैरने दो और फिर –
लंगर ठहरे हुए छिछले पानी में पड़ता है।
विस्तृत और आश्चर्यजनक सागर पर विश्वास करो
जहाँ ज्वार हर समय ताज़ा रहता है
और शक्तिशाली धाराएँ स्वतन्त्र होती हैं –
वहाँ अनायास, ऐ नौजवान कोलम्बस
सत्य का तुम्हारा नया विश्व हो सकता है।
मत हिचको, अवतार के सिद्धान्त को लेकर अपना दिमाग़ परेशान मत करो
और उसे तुम्हें हतोत्साहित मत करने दो। हर व्यक्ति महान हो सकता है, बशर्ते
कि वह प्रयास करे। अपने शहीदों को मत भूलो। करतार सिंह एक नौजवान
था, फिर भी बीस वर्ष से कम की आयु में ही देश की सेवा के लिए आगे
बढ़कर मुस्कुराते हुए वन्देमातरम् के नारे के साथ वह फाँसी के तख़्ते पर चढ़
गया। भाई बालमुकुन्द और अवधबिहारी दोनों ने ही जब ध्येय के लिए जीवन
दिया तो वे नौजवान थे। वे तुममें से ही थे। तुम्हें भी वैसा ही ईमानदार
देशभक्त और वैसा ही दिल से आज़ादी को प्यार करने वाला बनने का प्रयास
करना चाहिए, जैसेकि वे लोग थे। सब्र और होशो-हवास मत खोओ, साहस
और आशा मत छोड़ो। स्थिरता और दृढ़ता को स्वभाव के रूप में अपनाओ।
नौजवानों को चाहिए कि वे स्वतन्त्रतापूर्वक, गम्भीरता से, शान्ति और सब्र के
साथ सोचें। उन्हें चाहिए कि वे भारतीय स्वतन्त्रता के आदर्श को अपने जीवन के
एकमात्र लक्ष्य के रूप में अपनायें। उन्हें अपने पैरों पर खड़े होना चाहिए। उन्हें
अपनेआप को बाहरी प्रभावों से दूर रहकर संगठित करना चाहिए। उन्हें चाहिए कि
मक्कार तथा बेईमान लोगों के हाथों में न खेलें, जिनके साथ उनकी कोई समानता
नहीं है और जो हर नाजुक मौक़े पर आदर्श का परित्याग कर देते हैं। उन्हें चाहिए
कि संजीदगी और ईमानदारी के साथ “सेवा, त्याग, बलिदान” को अनुकरणीय
वाक्य के रूप में अपना मार्गदर्शक बनायें। याद रखिये कि “राष्ट्रनिर्माण के लिए
हज़ारों अज्ञात स्त्री-पुरुषों के बलिदान की आवश्यकता होती है जो अपने आराम व
हितों के मुक़ाबले, तथा अपने एवं अपने प्रियजनों के प्राणों के मुक़ाबले देश की
अधिक चिन्ता करते हैं।”
6-4-1928 वन्देमातरम!
(भगवतीचरण वोहरा बी.ए., प्रचारमन्त्री, नौजवान भारत सभा द्वारा
अरोड़ वंश प्रेस, लाहौर से मुद्रित एवं प्रकाशित।)
नौजवान भारत सभा और राष्ट्रीय नेतृत्व का मूल्यांकन / 305