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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 182, कुल 788 में से

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पृष्ठ 182

भाई बालमुकुन्द जी
अगस्त, 1928 के 'किरती' में प्रकाशित यह लेख भगतसिंह या उनके किसी
साथी का लिखा हुआ है। – स.
अब तक हम पंजाबी शहीदों के जीवन 'किरती' में बिना क्रम के ही छापते रहे
हैं। कभी बब्बर अकाली शहीदों के जीवन छापे तो कभी 1914-15 वाले ग़दर पार्टी
के शहीदों के। कभी 1908 वाले मदनलाल जी का ही जीवन छापा। अब हमारा
इरादा है कि उनके जीवन-वृत्तान्त को उसी तरह छापते हुए भी उन आन्दोलनों का
क्रमशः हाल लिखें ताकि हमारे पाठक समझ सकें कि पंजाब में जागृति कैसे पैदा
हुई और फिर काम कैसे होता रहा और किन कामों के लिए, किन विचारों के लिए,
उन शहीदों ने अपने प्राण तक उत्सर्ग कर दिये।
वास्तव में अब का आन्दोलन 1907 से ही चलता है और फिर वह कभी
किसी रंग में और कभी किसी ढंग से चलता चला गया। 1907 में बड़ा भारी
आन्दोलन हुआ। जोश में आये लोगों ने कई जगह दंगे, झगड़े किये, उनकी कुछ
बातें सरकार ने मान लीं और फिर आन्दोलन को कुचल डाला। बाद में 1908-09
में लिटरेचर पैदा करने और अच्छे-अच्छे विचारों को पक्का करने का काम होता
रहा। बाद में एक खुफ़िया सोसायटी बन गयी, जिसका परिणाम दिल्ली बम केस
से प्रकट हुआ। इसमें चार सज्जनों – श्री अमीरचन्द जी, श्री अवध बिहारी, श्री
बालमुकुन्द जी और श्री बसन्तकुमार बिस्वास को फाँसी हुई। बाद में कामागाटामारू
की बजबज घटना हो गयी और 1914-15 यानी अगले ही वर्ष ग़दर-लहर की
रौनक हुई और तीन-चार साल तक यही हंगामा रहा। 1919 में विद्रोह हुए और
मार्शल लॉ लगा। फिर असहयोग आन्दोलन चला और अकाली आन्दोलन चले और
आख़िर में बब्बर अकाली आन्दोलन चला, जिसमें 10-12 लोग फाँसी पर लटकाये
गये या लड़ते-लड़ते शहीद हो गये। पंजाब में बलिदानों और आन्दोलनों का इतिहास
हिन्दुस्तान में सब प्रान्तों से अधिक सुन्दर और गर्व योग्य है, लेकिन अफ़सोस है
कि उसे अभी तक किसी ने क्रमिक रूप में लिखा ही नहीं।
आज हम दिल्ली-षड्यन्त्र के शहीद, शहीद भाई बालमुकुन्द जी का जीवन
लिख रहे हैं। अगली बार हम दिल्ली-षड्यन्त्र का इतिहास भी देंगे और हम उनके
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