भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 181, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंसो पाठकों ने ऊपर लिखी घटनाओं से देख लिया है कि दस मई का दिन
क्यों और कब से मनाना शुरू किया गया। पाठक यह सब हाल पढ़कर देख सकते
हैं कि उनका क्या फ़र्ज़ है। क्या उन्होंने उस आज़ादी के लिए, जिसलिए कि
हज़ारों-लाखों हिन्दुस्तानियों ने सर लगा दिये थे और हज़ारों लगाने के लिए तैयार
बैठे थे, आज तक कुछ किया है या नहीं? यदि आज तक उन्होंने कुछ नहीं किया
तो वे कौन-सा मुहूर्त देख रहे हैं? आज़ादी की जंग में शामिल होने के लिए तो
साल के 365 दिनों में से 365 ही पवित्र हैं। हर पल भारतमाता तुम्हारा इन्तज़ार
कर रही है कि तुम उसकी ज़ंजीरें तोड़ने के लिए अपना फ़र्ज़ पूरा करते हो या
नहीं। क्या इन्सान बनकर आज़ादी हासिल करोगे? इसी सवाल के जवाब से भारत
का भविष्य निर्भर करता है।
विरासत से साक्षात्कार : भारतीय क्रान्तिकारी आन्दोलन / 175