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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 176, कुल 788 में से

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पृष्ठ 176

to say. He answered,—Bande Matram."
माँ से इतना प्यार! फाँसी के तख़्ते पर खड़े हुए से पूछा जाता है – कुछ कहना
चाहते हो? तो उत्तर मिलता है, 'वन्देमातरम!' माँ! भारत माँ! तुम्हें नमस्कार! वह
वीर फाँसी पर लटक गया और उनकी लाश भी भीतर ही दफ़ना दी गयी और
हिन्दुस्तानियों को उनकी दाह-क्रिया आदि कराने की इजाज़त नहीं दी गयी। धन्य
था वह वीर! धन्य है उसकी याद! मुर्दा देश के अमूल्य हीरे को बारम्बार नमस्कार!
मार्च, 1928 किरती
170 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़