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बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

Bawan Kasni

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sant Ashram Ranjari 2015 Edition · Sant Ashram Ranjari, Samba (J&K)

Devanagarihipublished122 पृष्ठ

35. साहिब जी को गाय के खून से नहलाया जाना

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साहिब बन्दगी

(35) साहिब जी को गाय के खून से नहलाया जाना

धर्मगुरु होने के साथ-साथ शेख तकी राजा का वज़ीर भी था। वो साहिब को मारने के नये-नये षड्यंत्र रच रहा था जिस कारण हर कोई उसकी आज्ञा का पालन करता था। दूसरी ओर साहिब ने भी राजा से कहकर शेख तकी को अपनी मनमानी करने की छूट दे रखी थी। किसी भी तरह से साहिब का कुछ भी न बिगड़ते देख शेख तकी ने एक बार विचार किया कि क्यों न साहिब को सारे समाज के सामने नीचा दिखाया जाए। यह सोच उसने एक गाय मँगवाई और उसका गला कटवा कर खून एक बर्तन में इक्ट्ठा करवाया। उसने सिपाहियों को समझा दिया कि मेरा इशारा पाकर राजदरबार में यह खून से भरा बर्तन साहिब के सिर पर डाल दिया जाए। जब राजदरबार लगा था और साहिब सबके बीच विराजमान होकर सत्य भक्ति का उपदेश दे रहे थे तब तकी का आदेश पाकर उसके सिपाहियों ने खून से भरा बर्तन साहिब के सिर पर उड़ेलना शुरू कर दिया। पर यह क्या ! सब हैरान थे वो खून तो भाप बनकर ऊपर आकाश में उड़ता चला जा रहा था। जैसे-जैसे वो बर्तन उड़ेलते थे, वे सब हैरान थे खून उर्द्धमुख होकर आकाश में उड़ता जाता था। शेख तकी ने यह गंदी हरकत साहिब को नीचा दिखाने के लिए की, उन्हें मानसिक पीड़ा देने के लिए की, पर अंत में उसे ही पीड़ा हुई। साहिब की तो सब ओर जय-जयकार ही सुनाई दे रही थी पर शेख तकी लज्जित हो रहा था।

देखो धर्म गुरु का कारा, गाय मार कर खून ले आया।
नीचा दिखावन हेतु साहिब को, शीश पै खून गिराया॥
सत्संग करते साहिब ऊपर, डाला खून कटोरा।
खून भाप बन उड़ गया, अहंकार तकी का तोड़ा॥

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