अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)

अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)
Ashvavaidyaka of Jayadatta Suri with Commentary
जयदत्त सूरि (सम्पादक: उमेशचन्द्र गुप्त कविरत्न) द्वारा
DevanagariHindipublished522 पृष्ठ
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३ सर्व्वलक्षणाध्याये–
पृ० श्लो० ।
” जाताण्डलक्षणम् ... ... ५१—१४६
” कञ्चुकिलक्षणम् ... ... ५१—१४७
” मार्जारपादलक्षणम् ... ... ५१—१४८
” त्रिसरिलक्षणम् ... ... ५१—१४९
” द्विसरिलक्षणम् ... ... ५१—१५०
” सङ्घातयमललक्षणम् ... ... ५२—१५१
” कणिजलक्षणम्... ... ... ५२—१५१
” विकर्णिलक्षणम् ... ... ५२—१५२
” व्याघ्रवर्णलक्षणम् ... ... ५२—१५२
” वामगमयलक्षणम् ... ... ५२—१५३
” ... सुमञ्जिलक्षणम् ... ... ५२—१५४
” इन्द्रवृद्धलक्षणम् ... ... ५