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अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)

अश्ववैद्यकम् (जयदत्त सूरि - विस्तृत अश्व-रोग निदान एवं शल्य-चिकित्सा महाग्रन्थ)

Ashvavaidyaka of Jayadatta Suri with Commentary

जयदत्त सूरि (सम्पादक: उमेशचन्द्र गुप्त कविरत्न) द्वारा

DevanagariHindipublished522 पृष्ठ

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[ ४ ]
५ दशाश्लेषाध्याये—
पृ० श्लो० ।
,, दशविधदशाफलकथनम् .. .. ६६—१
,, दशापरिमाणकथनम् .. .. ६६—२
,, दशाशेषकथनम् .. .. ६६—३
६ जन्मदेशाध्याये—
,, उत्तमाश्वसंख्या .. .. ७०—२
,, मध्यमाश्वसंख्यादि .. .. ७०—३
,, अधमाश्वसंख्या .. .. ७१—४
,, उत्तमाताजिकाश्वलक्षणम् ... ७१—५
,, उत्तमपारसीकाश्वलक्षणम् ... ७१—८
,, मध्यमकेकाणाश्वलक्षणम् ... ७२—६
,, मध्यमतुब्व्याश्वलक्षणम् ... ७२—११
,, मध्यमभाण्डजाश्वलक्षणम् ... ७२—१२
,, सैन्धवाद्यश्वलक्षणम् ... ... ७२—१३
७ वाहनविधानाध्याये—
,, विप्रादितद्वाहनविवरणम् .. ७४—१
,, विप्रादिजातिलक्षणम् .. .. ७५—४
,, विप्रादिवशीकरणम् .. .. ७६—६
,, सत्वशक्तितद्वाहनविवरणम् .. .. ७६—८
,, रङ्गभूमिविवरणम् .. .. ७७—११
,, दोषगुणतद्वाहनविवरणम् .. .. ७८—१३
,, धारागतिविवरणम् .. .. ८१—२४
,, वध्यादिविवरणम् .. .. ८३—३०