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सर्वकोश
सम्राट अशोक के अभिलेख (शिलालेख, स्तम्भलेख एवं गुहालेख - मूल प्राकृत, ब्राह्मी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

सम्राट अशोक के अभिलेख (शिलालेख, स्तम्भलेख एवं गुहालेख - मूल प्राकृत, ब्राह्मी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Inscriptions of Emperor Ashoka with Hindi Commentary

देवानांप्रिय प्रियदर्शी सम्राट अशोक (सम्पादक: जनार्दन भट्ट) द्वारा

DevanagariHindipublished80 पृष्ठ

पृष्ठ 63, कुल 80 में से

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पृष्ठ 63

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[पृष्ठ ११०]

लघु शिला अभिलेख - शब्द-विवेचन
लघु शिला : रूपनाथ अभिलेख
• सातिरेकानि - (से) कुछ अधिक। सं. - सातिरेकाणि। 'अतिरेकः - अतिशये, भेदे, प्राधान्ये आधिक्ये चा' (शब्द०)। पालि - सातिरेको (सातिरेकः।)
• अनतियनि - अढ़ाई। सं. - अर्धतृतीयानि। [अर्धतृतीयम् - containing two and the third only half, i.e., two-and-a-half (V.S.Apte)] पालि - अड्ढतेय्यो, अड्डतियो (अर्धतृतियः)।
• व - वर्ष। सं. - वर्षाणि। पालि - वस्सानि।
• व - जो। सं. - यत्।
• सुमि - हूँ। सं. - अस्मि। पालि - अस्मि।
• प्रकास - प्रकट रूप से। सं. - प्रकाशम्। [