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सर्वकोश
सम्राट अशोक के अभिलेख (शिलालेख, स्तम्भलेख एवं गुहालेख - मूल प्राकृत, ब्राह्मी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

सम्राट अशोक के अभिलेख (शिलालेख, स्तम्भलेख एवं गुहालेख - मूल प्राकृत, ब्राह्मी एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Inscriptions of Emperor Ashoka with Hindi Commentary

देवानांप्रिय प्रियदर्शी सम्राट अशोक (सम्पादक: जनार्दन भट्ट) द्वारा

DevanagariHindipublished80 पृष्ठ

पृष्ठ 62, कुल 80 में से

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पृष्ठ 62

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Line 1: "व्यापारिते, ईषद्युक्तौ, नियुक्ते, कर्माध्यक्षे, कुशले च। (शब्द०)। पालि-सकलो"
Line 2: "(सकलः)। देसो (देशः)। आयुक्तको (आयुक्तकः)।"
Line 3: "• अलं = समर्थ। सं. -अलम्। 'अलं निवारणे।"
Line 4: "अलन्पर्याप्तसमर्थयोर्निवारणे।' (अनेकार्थ० १८०४-१८०५)।"
Line 5: "पालि-अलं।"
Line 6: "• अनुचातुमासं = प्रत्येक चातुर्मास में। सं. -अनुचातुर्मासम्।"
Line 7: "(चातुर्मासः-चतुर्षु मासेषु भवः।) पालि-अनु (अनु)। चतुमासं (चातुर्मासम्)।"
And then look: to the right of that, there is the header:
"शिला अभिलेख - शब्द-विवेचन / १०९"!
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