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आर्यभटीयम् (आचार्य आर्यभट - परमेश्वर टीका एवं हिन्दी अनुवाद)

आर्यभटीयम् (आचार्य आर्यभट - परमेश्वर टीका एवं हिन्दी अनुवाद)

Aryabhatiya of Aryabhata with Hindi Commentary

आचार्य आर्यभट (४७६ ई.) / पं. उदयनारायण सिंह द्वारा

DevanagariSanskritpublished134 पृष्ठ

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पृष्ठ 34

२ आर्यभटीयस्य विषयाणां सूचीपत्रम् ॥
विषय पृष्ठाङ्क
पार्श्वगत दो शरों का लाना । ३४
श्रेढीफल का लाना । ३४-३५
गच्छ का लाना । ३६
सङ्कलित धन का लाना । ३६-३७
वर्ग और घन के सङ्कलित का लाना । ३७-३८
दो राशियों के संवर्ग से दो राशियों का लाना । ३८
राशि के संवर्ग से दो राशि का लाना । ३८-३९
मूलफल लाना । ३९-४०
त्रैराशिक गणित । ४०
भिन्न २ राशियों का सवर्णीकरण । ४१
व्यस्तविधि । ४२
संघ धन का लाना । ४२-४३
अव्यक्त मूल्य का मूल्य दिखलाना । ४३-४४
ग्रहान्तरों से ग्रहयोग का लाना । ४४
कुट्टाकार गणित । ४५-४८
द्वितीय पाद की विषय सूची समाप्त हुयी ।
काल और क्षेत्रविभाग । ४८-४९
द्वियोग और व्यतीपात की संख्या । ४९-५१
उच्च नीच वृत्त का आधार और गुरुवर्ष की संख्या । ५१
सौर, चान्द्र, सावन, नाक्षत्र मानविभाग । ५२
अधिमास, अवम दिन वा क्षय दिन । ५२
मनुष्य, पितृ, देवताओं के वर्ष का प्रमाण । ५२-५३
ग्रहों के युगकाल, ब्राह्म दिन काल । ५३
काल की उत्सर्पिणी आदि विभाग । ५३-५४
शास्त्र का प्रणयन काल एवं ग्रन्थकार की आयु । ५४-५५
युगादि प्रारम्भ काल ५५-५६
ग्रहों का समगति होना । ५६
समगति वाले ग्रहों का शीघ्र गति होना । ५६
राशि, भाग, आदि क्षेत्रों का प्रमाण । ५६-५७
नक्षत्र मण्डल से अधोगत ग्रह कक्ष्या का क्रम । ५७
उक्त कक्ष्या क्रम से काल होराधिपति, दिनपति । ५७-५८