आर्यभटीयम् (आचार्य आर्यभट - परमेश्वर टीका एवं हिन्दी अनुवाद)
Aryabhatiya of Aryabhata with Hindi Commentary
आचार्य आर्यभट (४७६ ई.) / पं. उदयनारायण सिंह द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंआर्य्यभटोयस्य विषयानां सूचीपत्रम् ॥
विषय पृष्ठाङ्क
मङ्गलाचरणपूर्वक वस्तु कथन १
संख्या ज्ञापक अक्षरों की परिभाषा ॥ २
चतुर्युग में सूर्यादि की भगणसंख्या । ४-५
चन्द्रोच्च बुध, शुक्र के शीघ्रोच्च भगण । ६-७
कल्पान्तर्गत मनु और गत काल । ७-८
राशि आदि विभाग, आकाशकक्षा योजन प्रमाण आदि । ८
योजन परिमित भूमि आदि का योजनप्रमाण । १०
ग्रहों के अपयान-प्रमाण और पुरुष-प्रमाण । ११
मङ्गलादि पांच ग्रहों का पात भगण और मन्दोच्चांश । १२
सूर्यादि के मन्दवृत्त और शनि आदि के शीघ्रवृत्त । १४
वक्री ग्रहों का युग्मपद में वृत्त एवं भू-वायु की कक्षा का प्रमाण । १५
चौबीश अर्ध्ज्या १६
दश गीतिका सूत्र परिज्ञान का फल । .१७
प्रथमपाद की विषयसूची समाप्त हुई ॥१॥ .
ग्रन्थकार के जन्मस्थान का वर्णन । १७
संख्या के दश स्थानों की संज्ञा और संज्ञा का लक्षण । १८
वर्ग और घन स्वरूप वर्णन । १९
वर्गमूल । १९
घनमूल । २०-२३
त्रिभुज क्षेत्रफल और घन त्रिभुज का फल । २३-२४
वृत्तक्षेत्रफल और घन समवृत्त क्षेत्रफल । २४
विषम चतुष्कोण आदि का क्षेत्रफल । २४-२५
सब क्षेत्रों का फल लाना और व्यासार्द्ध तुल्यज्या का ज्ञान । २५-२६
वृत्त की परिधि का प्रमाण । २६-२७
जीवा की परिकल्पना की विधि । २७-२९
गीतिकोक्त खण्डज्याओं के लाने का उपाय । २९-३०
वृत्तादि के परिकल्पना का प्रकार । ३०-३१
वृत्त के विष्कम्भार्द्ध का लाना । ३१
छाया का लाना । ३२
कोटी और भुजाओं का लाना । ३२-३३
कर्ण एवं अर्ध्ज्या का लाना । ३३