अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)
Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works
अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंइस डकैती में राम प्रसाद बिस्मिल, राजाराम भारतीय, गंगा सिंह चन्देल आदि
सम्मिलित थे। यह संयोग ही था कि राजाराम बाजपेई की नकली मूंछें छूट
गई। जब वे पकड़े गये तो पुलिस ने उनके कमरे से वैसी ही मूंछें प्राप्त
की थी।¹
3. ढकिया हमीदनगर (पुवायाँ, शाहजहाँपुर) : - शाहजहाँपुर जनपद की
पुवायाँ तहसील के सिंधौली थानान्तर्गत ग्राम-ढकिया हमीदपुर में
क्रांतिकारियों ने डकैती डाली। डकैती डालने की तिथि थी 29 सितम्बर
1918। क्रांतिकारी एक ऊँट गाड़ी पर हथियारों का बक्सा रखकर वापस आ
रहे थे। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 30 सितम्बर 1918 को दल के दो
सदस्य जलालपुर चुंकी चौकी पर ऊँट गाड़ी छोड़कर भाग गये। उक्त
बाक्स से एक 450 बोर की दोनाली राइफल, एक नली बन्दूक, 3 छः
नम्बर के रिवाल्वर, 30 कारतूस तथा दो पैकेट गोला बारूद निकला।
राजाराम बाजपेई पर उक्त डकैती में शामिल होने का आरोप लगाया गया
था।²
4. बमरौली (पीलीभीत) : - ग्राम बमरौली जो पीलीभीत के अन्तर्गत है,
के निवासी बलदेव प्रसाद के घर क्रांतिकारियों ने डकैती डाली। बलदेव
प्रसाद सूदखोरी व शक्कर की खांडसार का काम करते थे। इस डकैती में
क्रांतिकारियों के हाथ 600 रूपये नकद एवं 4000 रूपये के आभूषण हाथ
लगे थे।³ मन्मथनाथ गुप्त के अनुसार, धन का उपयोग ‘दि रिबोल्युशनरी’
नामक पर्चे के छपवाने में खर्च किया गया। क्रांतिकारियों को चुनौती देने
वाला एक ग्रामवासी क्रांतिकारियों की गोली से मारा गया।
- स्वतंत्रता आंदोलन में जनपद शाहजहाँपुर का योगदान, एन०सी०
मेहरोत्रा पृष्ठ -115 - स्वतंत्रता आंदोलन में जनपद शाहजहाँपुर का योगदान, एन०सी०
मेहरोत्रा पृष्ठ -116 - पूर्वो, एच-डब्लू-हेल, पृष्ठ-57
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