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अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

अमर शहीद अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ: व्यक्तित्व और कृतित्व (काकोरी के अमर शहीद का जीवन व रचनाएँ)

Amar Shaheed Ashfaqulla Khan: Personality & Works

अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ 'वारसी' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा

DevanagariHindipublished297 पृष्ठ

पृष्ठ 91, कुल 297 में से

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पृष्ठ 91
  1. बिचपुरी (पीलीभीत) : - 9 मार्च 1925 को टोटी नामक कुर्मी के घर
    क्रांतिकारियों ने डकैती डाली। टोटी बिचपुरी जो पीलीभीत जिले के
    अन्तर्गत गाँव था, वहीं का वह निवासी था। उसके पास 36 एकड़ जमीन
    थी। इस डकैती में क्रांतिकारियों ने 800-900 रूपये लूट लिये। दुर्भाग्य से
    इस डकैती में भी श्यामलाल नाम का एक ग्रामवासी मारा गया। मुखबिर
    बनारसी लाल के अनुसार इस डकैती में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक
    उल्ला खाँ, मन्मथनाथ गुप्त, राम कृष्ण खत्री, चन्द्रशेखर आजाद
    सम्मिलित हुए थे। क्योंकि ये लोग शहबाजनगर स्टेशन पर एकत्र हुए थे।
    इस डकैती में राम प्रसाद बिस्मिल ने कुछ पेशेवर डाकुओं को भी शामिल
    किया था।¹
  2. द्वारकापुर (प्रतापगढ़) :- क्रांतिकारियों ने प्रतापगढ़ के द्वारकापुर गाँव
    में शिवरतन वैश्य के मकान में 24 मई 1925 को डकैती डाली। इस डकैती
    में ग्रामवासियों पर भी गोलियाँ चलाई गयी थी, जिससे रामसरन नाम
    का एक बालक भी मारा गया था। जिसमें एक रिवाल्वर भी खो गया
    था। राम प्रसाद बिस्मिल ग्राम वासियों पर गोली चलाये जाने से दुखी
    और निराश थे।² यह डकैती आर्थिक दृष्टि से लाभ दायक नहीं थी।
    क्रांतिकारियों पर मुकदमा भी हुआ। लेकिन जब यह ग्राम वासियों को
    ज्ञात हुआ कि डाकू कोई और नही भारत के क्रांतिकारी थे तो ग्रामीणों ने
    कहा-'पहले क्यों नही बताया कि आप लोग क्रांतिकारी हैं। यदि हमें
    मालूम होता तो हम सेठ के लिए नहीं लड़ते। ' '

  1. टैरारिज्म इन इंडिया, 1917-36, गृह विभाग, भारत सरकार क्रम
    संख्या बी 38/3 पृष्ठ - 79
  2. दे लिव्ड डैन्जरसली, मन्मथनाथ गुप्त- पृष्ठ 111
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