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सर्वकोश
अभिधर्मकोश एवं भाष्य (आचार्य वसुबन्धु - स्फुटार्था व्याख्या सहित सम्पूर्ण बौद्ध दर्शन महाकोश)

अभिधर्मकोश एवं भाष्य (आचार्य वसुबन्धु - स्फुटार्था व्याख्या सहित सम्पूर्ण बौद्ध दर्शन महाकोश)

Abhidharmakosha and Bhashya of Vasubandhu with Commentary

आचार्य वसुबन्धु (टीकाकार: यशोमित्र, सम्पादक: स्वामी द्वारिकादास शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished1,258 पृष्ठ

पृष्ठ 198, कुल 1258 में से

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पृष्ठ 198

ण? Let's re-read: पुद्गलसामान्यमिहाधिक्रियते, न त्वेकेनेन्द्रियेगावश्यकसमन्वा-? Look at the letters after पुद्गलसामान्यमिहाधिक्रियते,: नंorन? कorत्वे? Wait, the image has: नंकनैवेन्द्रियेगवश्यकसमन्वा-? Wait, look at line 27: नwith dot? No, it'sन॑orन? Then क? No, it's त्वे? Look at न त्वेकेनेन्द्रियेणावश्यकसमन्वा-: Wait, "पुद्गलसामान्यमिहाधिक्रियते, न त्वेकेनेन्द्रियेणावश्यकसमन्वागमव्यभिचारादुच्यते ।" Let's look at the letters in the image: न त्वे के ने न्द्रि ये णा व श्य क स म न्वा- Wait, look at त्वे: the character has a horizontal stroke with loop, like क? In some fonts, त्वेlooks likeत्वे! Wait, look at the first two letters after , : Is it न त्वेorनंक? It is न त्व