युक्तिकल्पतरु (महाराज भोज - नौका-निर्माण, जलयान-विज्ञान, शस्त्र, दुर्ग एवं राजधर्म सटीक)

युक्तिकल्पतरु (महाराज भोज - नौका-निर्माण, जलयान-विज्ञान, शस्त्र, दुर्ग एवं राजधर्म सटीक)
Yuktikalpataru of Maharaja Bhoja with Commentary
महाराज भोज (सम्पादक: पण्डित ईश्वरचन्द्र शास्त्री) द्वारा
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तोहीना चतुःशालं ( ३ ) सुखावहम् ॥ ३१३ ॥`
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Note:
पूर्व्वतोहीनाorपूर्व्वतो हीना? It'sपूर्व्वतोहीना. -
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सुखावहम् ॥ ३१३ ॥ -
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