यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Yajurveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 12, कुल 421 में से
संदर्भ में पढ़ेंआठवां अध्याय
सोमरस की रक्षा के लिए विष्णु से प्रार्थना १ ९४
इंद्र की उपासना २ ९४
कल्याणकारक आदित्य देव की स्तुति ३-५ ९४-९५
सुख के लिए सविता से प्रार्थना ६-७ ९५
सोम की स्तुति ८-१२ ९५-९६
पाप से मुक्त करने की याचना १३ ९६
वर्चस्व की कामना १४-१६ ९६-९७
सविता देव की उपासना १७ ९७
देवों के लिए सुगम यज्ञ सदन १८ ९७
अग्नि से हवि ग्रहण करने की प्रार्थना १९-२० ९७
शुद्ध वायु के लिए प्रार्थना २१ ९७
यज्ञ देव की स्तुति २२ ९७-९८
वरुण की उपासना २३ ९८
असुरों से यज्ञ की रक्षा २४ ९८
सोम की स्तुति २५-२७ ९८-९९
गर्भ एवं जरायु की पूर्णता एवं विविधता २८-३० ९९
मरुद्गण की स्तुति ३१-३२ ९९
सोलह कलाओं वाले इंद्र की स्तुति ३३-३७ ९९-१००
वर्चस्ववान अग्नि ३८ १००-१०१
इंद्र और सोम की स्तुति ३९-४१ १०१
महिमाशालिनी देवी की स्तुति ४२ १०२
गोवध निषेध ४३ १०२
इंद्र की स्तुति ४४ १०२
वाचस्पति की स्तुति ४५ १०२
विश्वकर्मा की उपासना ४६ १०२-१०३
सोम का वर्णन ४७-५० १०३
गायों की स्तुति ५१ १०३-१०४
सोम की स्तुति ५२ १०४
इंद्र की स्तुति ५३ १०४
विभिन्न देवों की स्तुति ५४-६१ १०४-१०६
यज्ञ का विस्तार ६२ १०६
पशु व अन्नादि की याचना ६३ १०६
नौवां अध्याय
सविता देव की स्तुति १ १०७