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सर्वकोश
यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished421 पृष्ठ

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पृष्ठ 13

सोम और सोम पात्र का वर्णन २-४ १०७-१०८
हविष्यान्न से पूर्ण रथ की स्थापना ५ १०८
यज्ञ वृद्धि की कामना ६ १०८
बलवान अग्नि का वर्णन ७-९ १०८-१०९
सत्यमार्ग के प्रेरक सविता देव की स्तुति १० १०९
बृहस्पति की विजय कामना ११-१२ १०९-११०
युद्ध में विजय की कामना १३-१९ ११०-१११
सुख एवं आयु वृद्धि की कामना २०-२१ १११
पृथ्वी की उपासना २२ १११-११२
सोम का राजत्व २३ ११२
परमात्मा की स्तुति २४-२७ ११२
अग्नि देव की स्तुति २८ ११३
इच्छापूर्ति की कामना २९ ११३
विभिन्न विजयों का वर्णन ३०-३४ ११३-११४
देवों और दिशाओं के लिए आहुतियां ३५-३६ ११४-११५
अग्नि से शत्रुओं को हराने का निवेदन ३७ ११५
सुख एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना ३८-४० ११५
दसवां अध्याय
राष्ट्रदायी जल की महत्ता १-४ ११६-११७
विभिन्न देवों के लिए आहुति समर्पण ५ ११७-११८
कुशों की पवित्रता ६ ११८
जल की स्थापना ७-८ ११८
यज्ञ स्थल की रक्षा के लिए प्रार्थना ९-१५ ११८-१२०
मित्र और वरुण की स्तुति १६ १२०
यजमान का अभिषेक १७ १२०
शक्ति प्राप्ति के लिए प्रार्थना १८ १२०
जलधाराओं का वर्णन १९ १२०-१२१
प्रजापति से प्रार्थना २० १२१
इंद्र देव से ज्ञान प्राप्ति के लिए प्रार्थना २१-२२ १२१
आहुति समर्पण २३ १२१
परमात्मा की स्तुति २४-२५ १२२
सुखदायी आसन २६ १२२
व्रतधारी यजमान २७-२८ १२२
अग्नि की महिमा का वर्णन २९ १२२-१२३