बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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आपस में : युद्ध भावना तथा हिंसापूर्ण विचार ।
कटती हुई
रेखाएं
बिन्दु : युद्ध में शारीरिक क्षति ।
क्रॉस : युद्ध में मृत्यु ।
नक्षत्र : मिलिट्री में विशेष उच्च पद प्राप्ति ।
वर्ग : जरूरत से ज्यादा क्रोध की भावना ।
वृत्त : चतुर, नीति निपुण ।
त्रिकोण : योजनाबद्ध कार्य करने वाला ।
जाली : आत्म हत्या ।
मंगल का चिह्न : युद्ध भावना में विकास ।
गुरु का चिह्न : स्त्रियों को मोहित करने वाला ।
शनि का चिह्न : कुटिल स्वभाव ।
सूर्य का चिह्न : प्रदर्शन प्रियता ।
बुध का चिह्न : आकस्मिक धन प्राप्ति ।
शुक्र का चिह्न : प्रेम के क्षेत्र में उग्रता ।
चन्द्र का चिह्न : पागलपन ।
७. चन्द्र पर्वत :
एक रेखा : कल्पना की भावना का विकास ।
कई रेखाएं : सौन्दर्य प्रियता ।
आपस में : चिन्ताएं ।
कटती हुई
रेखाएं
बिन्दु : प्रेम में बार-बार असफलताएं ।
क्रॉस : सामाजिक सम्मान में न्यूनता ।
नक्षत्र : राजकीय सम्मान ।
वर्ग : विशेष धन प्राप्ति ।
वृत्त : जल में डूबने से मृत्यु ।
त्रिकोण : राष्ट्र व्यापी सम्मान प्राप्त करने वाला कवि ।